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चार दिन बाद भक्तों के बीच पहुंचे प्रेमानंद महाराज, वृंदावन में गूंजे “राधे-राधे” के जयकारे




मथुरा। मथुरा-वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज चार दिनों के बाद जब भक्तों के बीच पहुंचे, तो श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। परिक्रमा मार्ग से लेकर आश्रम तक “राधे-राधे” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। दर्शन पाकर कई श्रद्धालु भावुक हो उठे।

वृंदावन में गुरुवार का दिन भक्तों के लिए भावनाओं और आस्था से भरा रहा, जब प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज चार दिनों के अंतराल के बाद एक बार फिर अपने भक्तों के बीच पहुंचे। स्वास्थ्य और अन्य कारणों से कुछ दिनों तक दर्शन कार्यक्रम स्थगित रहने के कारण श्रद्धालु उनके दर्शन को लेकर चिंतित और प्रतीक्षारत थे। जैसे ही यह सूचना फैली कि महाराज जी आज भक्तों को दर्शन देंगे, पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई।

परिक्रमा मार्ग और आश्रम के बाहर देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। भीषण गर्मी और हीटवेव के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से आए भक्त अपने आराध्य संत की एक झलक पाने के लिए डटे रहे। भक्तों में इतनी आस्था थी कि वे समय और मौसम की परवाह किए बिना घंटों प्रतीक्षा में बैठे रहे।

निर्धारित समय पर जब प्रेमानंद महाराज अपने आश्रम से बाहर निकले, तो वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। जैसे ही वे मुस्कुराते हुए भक्तों के बीच से गुजरे, पूरा परिसर “राधे-राधे” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर अपने संत का स्वागत किया और उनकी एक झलक पाकर भाव-विभोर हो उठे। कई भक्तों की आंखों में खुशी के आंसू भी दिखाई दिए।

महाराज ने भी अपने भक्तों का अभिवादन स्वीकार करते हुए हाथ जोड़कर आशीर्वाद दिया। उनकी शांत मुस्कान और सहज व्यवहार ने वहां मौजूद हर व्यक्ति के मन को छू लिया। चार दिनों के इंतजार के बाद मिले दर्शन ने श्रद्धालुओं के चेहरे पर अलग ही संतोष और आनंद भर दिया।

दिल्ली से आई श्रद्धालु भावना ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से वृंदावन में थीं और लगातार महाराज जी के दर्शन की प्रतीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आज जब दर्शन मिले तो ऐसा लगा मानो ठाकुर जी के ही दर्शन हो गए हों और उनकी यात्रा सफल हो गई।

इस बीच प्रेमानंद महाराज के दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में बैठे उनके अनुयायी भी डिजिटल माध्यम से दर्शन कर भावुक हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता का माहौल था, लेकिन उनके सार्वजनिक रूप से फिर से दर्शन देने के बाद भक्तों ने राहत की सांस ली है।

वृंदावन का पूरा वातावरण एक बार फिर भक्ति, आस्था और “राधे-राधे” के जयघोष से सराबोर हो गया है, जिसने यह साबित कर दिया कि प्रेमानंद महाराज के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था कितनी गहरी और अटूट है।

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