Mahakaushal Times

आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक शुरू, ब्याज दरों पर फैसले को लेकर बाजार की निगाहें टिकीं, महंगाई और वैश्विक तनाव बना मुख्य फोकस

नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक बुधवार से शुरू हो गई है, जिसमें देश की मौद्रिक नीति की दिशा तय करने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई प्रकार की चुनौतियों से गुजर रही है और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने ऊर्जा बाजारों को अस्थिर कर दिया है। ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था पर महंगाई और विकास दर दोनों को संतुलित रखने का दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार आरबीआई रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और मौजूदा दरों को यथावत बनाए रखेगा, हालांकि नीति वक्तव्य में अधिक सतर्क रुख देखने को मिल सकता है।

इस बैठक पर बाजार और निवेशकों की खास नजर बनी हुई है क्योंकि इससे आने वाले महीनों में ऋण, निवेश और आर्थिक गतिविधियों की दिशा तय होगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार को बैठक के बाद नीतिगत फैसलों की घोषणा करेंगे। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने स्थिति को और जटिल बना दिया है, जिसका सीधा असर भारत की महंगाई दर पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल की कीमतें स्थिर नहीं रहती हैं तो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर दबाव बढ़ सकता है और महंगाई अनुमान में वृद्धि संभव है।

एचएसबीसी और अन्य वैश्विक वित्तीय संस्थानों के विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में आरबीआई ब्याज दरों को स्थिर रखने की रणनीति अपनाएगा, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार आगे चलकर सख्ती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं कुछ रिपोर्टों में यह भी संकेत दिए गए हैं कि बाजार 2026 के अंत तक दरों में हल्की कटौती की संभावना को देख रहा है, हालांकि यह पूरी तरह वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

अर्थशास्त्रियों का यह भी कहना है कि महंगाई का मौजूदा दबाव मुख्य रूप से आपूर्ति पक्ष से जुड़ा हुआ है, न कि मांग में तेजी के कारण। ऐसे में आरबीआई के लिए चुनौती यह होगी कि वह विकास दर को प्रभावित किए बिना मूल्य स्थिरता बनाए रखे। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर लगभग 6.6 से 6.7 प्रतिशत के बीच रह सकती है, बशर्ते वैश्विक तेल कीमतें नियंत्रित रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर