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काला हिरण' फिल्म पर गहराया कानूनी संकट: अभिनेता गोविंद नामदेव के बयानों से भड़के निर्माता अमित जानी, मानहानि के तहत कोर्ट में घसीटने की दी चेतावनी

नई दिल्ली। फिल्म उद्योग में वास्तविक और चर्चित आपराधिक मामलों पर बनने वाली फिल्मों को लेकर अक्सर विवाद खड़े होते रहे हैं, लेकिन वर्तमान में फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर शुरू हुआ आंतरिक घमासान अब कानूनी चौखट तक पहुंच गया है। अभिनेता सलमान खान से जुड़े चर्चित ब्लैकबक कानूनी मामले से प्रेरित इस आगामी फिल्म के मुख्य कलाकार गोविंद नामदेव और फिल्म के निर्माता अमित जानी के बीच सीधा वैचारिक और कानूनी टकराव पैदा हो गया है। अभिनेता गोविंद नामदेव ने हाल ही में सार्वजनिक मंच पर यह बयान देकर सनसनी फैला दी थी कि उन्हें फिल्म की वास्तविक पटकथा और संदर्भ के बारे में पूरी तरह अंधेरे में रखा गया था। अभिनेता के अनुसार, यदि उन्हें पहले से इस बात का भान होता कि यह पूरी फिल्म सलमान खान की छवि के विपरीत और उनके खिलाफ केंद्रित है, तो वह कभी भी इस परियोजना का हिस्सा नहीं बनते।

इस गंभीर और एकतरफा आरोप के सार्वजनिक होते ही फिल्म के निर्माता अमित जानी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अभिनेता के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। निर्माता ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि किसी भी अनुभवी और वरिष्ठ अभिनेता के साथ बिना लिखित पटकथा के तीन-चार दिनों तक लगातार अदालत के दृश्यों की शूटिंग करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। प्रोडक्शन हाउस का स्पष्ट तर्क है कि फिल्म का शीर्षक ही ‘काला हिरण’ है, जो सीधे तौर पर वर्ष 1998 से लेकर 2018 तक जोधपुर की निचली और उच्च अदालतों में चले ऐतिहासिक मुकदमे की याद दिलाता है। ऐसे में यह कहना कि कलाकार को विषय की गहराई और संदर्भ की जानकारी नहीं थी, पूरी तरह से असत्य और हास्यास्पद है।

निर्माता ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया कि गोविंद नामदेव फिल्म में मुख्य सरकारी वकील की भूमिका निभा रहे हैं, जो अयान खान नामक चरित्र के खिलाफ अदालती पैरवी कर रहा है। शूटिंग के दौरान अभिनेता ने स्वयं कई जटिल कानूनी और प्रासंगिक संवाद बोले हैं, जिसमें जीप पर लगे खून के धब्बे और टायरों में फंसे हिरण के बालों जैसे संवेदनशील विवरणों का जिरह के दौरान उल्लेख शामिल है। प्रोडक्शन हाउस के अनुसार, सेट पर बिना किसी दबाव या गनपॉइंट के पूरी स्वेच्छा से किए गए काम को अब साक्षात्कार के माध्यम से धोखे का नाम दिया जा रहा है, जो कि केवल एक बड़े सुपरस्टार को खुश करने और उद्योग में अपने संबंधों को बचाने की एक कमजोर कोशिश मात्र है।

इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब निर्माता अमित जानी ने दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षरित कानूनी अनुबंध का खुलासा किया। निर्माता के दावों के अनुसार, गोविंद नामदेव ने न केवल इस वर्तमान फिल्म के लिए बल्कि भविष्य में बनने वाले इसके दूसरे भाग के लिए भी बकायदा कानूनी एग्रीमेंट साइन किया था। अब सार्वजनिक रूप से इस तरह के विरोधाभासी बयान देना न केवल उस कानूनी अनुबंध की शर्तों का खुला उल्लंघन है, बल्कि इससे प्रोडक्शन हाउस की बाजार साख और फिल्म की व्यावसायिक छवि को भी भारी वित्तीय और नैतिक नुकसान पहुंचा है।

इस विवाद के बाद प्रोडक्शन हाउस ने अब रक्षात्मक रुख छोड़कर पूरी तरह से आक्रामक कानूनी कार्रवाई करने का मन बना लिया है। फिल्म निर्माता ने स्पष्ट किया है कि वे इस अनुबंध उल्लंघन और मानहानि के मामले को लेकर बहुत जल्द कानूनी नोटिस जारी करने जा रहे हैं। इस मामले की आधिकारिक सुनवाई और जांच के लिए अभिनेता को नोएडा की जिला अदालत में आकर अपना जवाब दाखिल करना होगा। सिनेमा जगत के विश्लेषकों का मानना है कि इस आंतरिक कलह और आने वाले कानूनी नोटिस के बाद फिल्म के समय पर प्रदर्शन और इसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बादल और अधिक गहरे हो गए हैं।

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