जानकारी के अनुसार, गढ़वा जिले के खरौंधी थाना क्षेत्र स्थित बाजार इलाके में रहने वाला एक युवक अचानक एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद उसने नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक लगातार अपनी कथित प्रेमिका को मौके पर बुलाने और उससे विवाह कराने की मांग कर रहा था। उसकी इस हरकत से बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां जुटने लगे।
स्थानीय लोगों ने प्रारंभिक स्तर पर युवक को समझाने का प्रयास किया। लोगों ने उसे सुरक्षित नीचे उतरने और बातचीत के माध्यम से अपनी बात रखने की सलाह दी। हालांकि युवक अपनी मांगों पर अड़ा रहा। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब उसने कथित तौर पर टावर से कूदकर जान देने की चेतावनी दी। इसके बाद मामले की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने युवक से संवाद स्थापित करने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने संयम बरतते हुए उसे लगातार समझाया कि किसी भी प्रकार का आत्मघाती कदम समस्या का समाधान नहीं हो सकता। प्रशासन की प्राथमिकता युवक की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उसे बिना किसी नुकसान के नीचे उतारना थी।
घटना के दौरान बाजार क्षेत्र में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए बचाव प्रक्रिया को प्रभावित न होने देने की कोशिश की। कई घंटों तक चली बातचीत और समझाइश के बावजूद युवक तुरंत नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं हुआ।
बताया गया कि युवक अपनी कथित प्रेमिका की उपस्थिति की मांग कर रहा था। बाद में प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से युवती को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद युवक के साथ दोबारा बातचीत की गई और उसे शांतिपूर्वक नीचे उतरने के लिए राजी किया गया। लंबे प्रयासों के बाद युवक सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आया, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना के दौरान किसी प्रकार की शारीरिक क्षति या अप्रिय हादसे की सूचना सामने नहीं आई। पुलिस ने युवक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक पूछताछ की और पूरे मामले की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और धैर्य के साथ कार्रवाई करना आवश्यक होता है, ताकि किसी भी व्यक्ति की जान को खतरा न पहुंचे।
यह घटना एक बार फिर सामाजिक और व्यक्तिगत विवादों के सार्वजनिक रूप लेने की प्रवृत्ति को सामने लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भावनात्मक परिस्थितियों में लोगों को संयम बनाए रखने और कानूनी व सामाजिक माध्यमों से समाधान तलाशने की आवश्यकता होती है। समय रहते पुलिस, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की सक्रियता ने इस मामले में संभावित दुर्घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।