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सोमवती अमावस्या पर श्रृंगेश्वर महादेव में उमड़ी आस्था की भीड़, जोखिम भरे नौका विहार ने बढ़ाई चिंता


मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल Shringeshwar Mahadev Temple में सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके चलते सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर और माही नदी तट पर पहुंचने लगे। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार दिन के पहले पहर में ही 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माही नदी में स्नान कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए।

सुबह करीब 4 बजे से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। पुरुषोत्तम मास में आई सोमवती अमावस्या के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह और भी अधिक दिखाई दिया। नदी तट पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और स्नान का क्रम लगातार चलता रहा। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी जिलों और राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे।

हालांकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ चिंताजनक दृश्य भी सामने आए। माही नदी में नौका विहार के दौरान कई नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के बैठने की शिकायतें सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई श्रद्धालु बिना लाइफ जैकेट के ही नावों में यात्रा करते नजर आए। इससे स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने संभावित हादसे की आशंका जताई।

मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि धार्मिक उत्साह के बीच कई श्रद्धालु सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे थे। प्रशासन द्वारा समय-समय पर सावधानी बरतने की अपील की गई, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण नियमों का पालन सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण बना रहा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला तड़के से ही सक्रिय था। झकनावदा चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में पुलिस बल और विशेष सुरक्षा दल के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। इसके अलावा राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन के कर्मचारी भी व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।

प्रशासन का मुख्य फोकस भीड़ नियंत्रण, सुगम दर्शन और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने पर था। हालांकि, कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग की कमी और अत्यधिक भीड़ के कारण व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के आवागमन और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास लगातार जारी रहा।

चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था में लगी हुई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नौका विहार और अन्य गतिविधियों के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा प्रशासन के निर्देशों का सहयोग करें।

श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन और प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की, लेकिन साथ ही नावों में क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर चिंता भी व्यक्त की। स्थानीय लोगों का मानना है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान नौका संचालन और घाट सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।

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