स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद क्षेत्र में धुआं और लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के प्रयासों से आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग की चपेट में आकर वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें पूरी तरह जल गईं। इनमें एक स्प्लेंडर, एक डीलक्स और एक पल्सर बाइक शामिल थी। आग इतनी भीषण थी कि वाहनों को बचाने का मौका तक नहीं मिल सका और वे कुछ ही समय में राख में तब्दील हो गईं। हालांकि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर आग लगी, वहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर कबाड़ जमा किया जा रहा था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर कबाड़ संचालक ने मोहल्ले तथा सरकारी जमीन पर भी कबाड़ फैला रखा था। लोगों का दावा है कि इसी कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि मकान मालिक ने किराए के लालच में भवन को कबाड़ कारोबार के लिए उपलब्ध कराया हुआ है, जिससे पूरे इलाके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में आपत्ति जताई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि विरोध करने पर कबाड़ संचालक द्वारा धमकाने की कोशिश की जाती है।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी क्षेत्र में संचालित ऐसे कबाड़ कारोबारों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण और अवैध रूप से जमा कबाड़ को हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग बुझाने के दौरान विकास ठाकुर सहित कई नागरिकों ने फायर ब्रिगेड की टीम का सहयोग किया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से आसपास के मकानों और अन्य संपत्तियों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।