जानकारी के अनुसार दुर्घटना बुधवार दोपहर करीब दो बजे हुई। स्कॉर्पियो वाहन में सवार परिवार इंदौर से भोपाल की ओर जा रहा था। रास्ते में सोनकच्छ के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और स्कॉर्पियो सड़क पर कई बार पलटते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
दुर्घटना में इंदौर निवासी मयूरेश गर्ग और उनकी बुआ संगीता अग्रवाल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। मयूरेश गर्ग सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे तथा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में भी उनकी पहचान थी। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। वाहन में फंसे घायलों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहगीरों और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सोनकच्छ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
घायलों में सुनील अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, रिमी अग्रवाल, पलक अग्रवाल, सुरभि अग्रवाल, स्वप्निल गर्ग, शर्मिला गर्ग, कनव गर्ग और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। इनमें एक डेढ़ साल की बच्ची और दो वर्ष का बालक भी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद स्कॉर्पियो सड़क किनारे पलटी हुई अवस्था में पड़ी थी। वाहन के परखच्चे उड़ गए थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। समय रहते राहत कार्य शुरू होने से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी सोनकच्छ अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश देने की बात कही।
पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की आवश्यकता की याद दिलाता है। परिवार के लिए यह यात्रा एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गई, जिसने दो जिंदगियां छीन लीं और कई लोगों को घायल कर दिया।