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मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला: 33 जिलों में आंधी-बारिश, जून में अब तक 35% कम वर्षा


मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश के 33 जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज आंधी और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है। राजधानी भोपाल, जबलपुर, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, सागर, श्योपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, रीवा और सतना समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण सुहावना हो गया।

भोपाल में बुधवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर के समय अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक हुई बारिश ने शहर की सड़कों को तरबतर कर दिया। इसके बाद धूप और बादलों के बीच आंख-मिचौली का दौर जारी रहा। इसी तरह रायसेन, सागर और श्योपुर में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि भिंड, बुरहानपुर और श्योपुर में धूलभरी आंधी चली।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार ग्वालियर में सबसे तेज 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। जबलपुर में 65 किलोमीटर, अशोकनगर में 52 किलोमीटर, भोपाल में 48 किलोमीटर और सीहोर में 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। कई अन्य जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली।

बारिश के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। शिवपुरी में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। पचमढ़ी, सिवनी और बैतूल में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। हालांकि खजुराहो और नौगांव जैसे क्षेत्रों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।

प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल में अधिकतम तापमान 37 डिग्री, इंदौर में 37.3 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री, ग्वालियर में 39.5 डिग्री और जबलपुर में 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी कुछ दिनों तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर बना रह सकता है।

हालांकि राहत की इस बारिश के बावजूद प्रदेश में जून माह की कुल वर्षा सामान्य से काफी कम बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 16 जून तक मध्य प्रदेश में औसतन 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति और अधिक चिंताजनक है, जहां सामान्य वर्षा का आधा पानी भी नहीं गिर पाया है। कई जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे चल रहा है।

मौसम विभाग का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य तिथि से लगभग एक सप्ताह की देरी से प्रदेश में प्रवेश करेगा। सामान्य रूप से मानसून 15 जून तक मध्य प्रदेश पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही है। इसके बावजूद विशेषज्ञों को उम्मीद है कि मानसून सक्रिय होने के बाद वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

बुधवार के लिए मौसम विभाग ने 34 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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