मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ अभिनेता अक्षय कुमार ने योगाभ्यास किया। अक्षय ने उपस्थित लोगों के साथ विभिन्न योगासन किए और नियमित व्यायाम तथा योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ उम्र के लिए योग’ रही, जिसका संदेश भी कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया।
वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने योग सत्र का नेतृत्व किया। फिटनेस और योग के प्रति अपने समर्पण के लिए पहचानी जाने वाली शिल्पा ने हजारों लोगों के साथ योग किया और जीवन में अनुशासन तथा नियमितता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को अंदर से मजबूत, संतुलित और केंद्रित बनाता है। शिल्पा ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन की गतिविधि न मानें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम के दौरान उनका बेटा भी मौजूद रहा, जिसे वे योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराती नजर आईं।
अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी योग दिवस पर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि फिट रहने का सबसे बड़ा मंत्र नियमितता है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन थोड़ा समय भी योग को देता है तो उसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देते हैं। उनके अनुसार योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने की एक संपूर्ण प्रक्रिया है।
अभिनेता नील नितिन मुकेश ने योग को मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। योग व्यक्ति को तनाव से दूर रखता है और जीवन में संतुलन स्थापित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि योग हमें अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाता है, जो सफलता की राह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ अभिनेता मुकेश ऋषि ने भी योग के फायदों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों से योग और व्यायाम उनके जीवन का हिस्सा रहे हैं। वहीं फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा कि यदि लोग हर दिन योग दिवस की भावना के साथ योग करें तो वे लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकते हैं।
योग दिवस के अवसर पर बॉलीवुड सितारों की सक्रिय भागीदारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि योग केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है।