कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के संबोधन के सीधा प्रसारण से हुई। इसके बाद योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन और प्राणायाम कराए गए। प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
बारिश के बावजूद नहीं टूटा उत्साह
योग दिवस से एक दिन पहले हुई बारिश के कारण दशहरा मैदान के कई हिस्सों में कीचड़ हो गया था। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए मैदान में पत्थर की चूरी डलवाई और बड़े कपड़े व मैट बिछाकर प्रतिभागियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। मौसम की चुनौती के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
महाकाल की नगरी में योग और अध्यात्म का संगम
उज्जैन स्थित प्रसिद्ध Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple परिसर में भी योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाभ्यास के माध्यम से लोगों ने स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में योग का यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में 1000 बंदियों ने किया योग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में भी विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक कृष्णा गुरुजी के मार्गदर्शन में लगभग 1000 पुरुष और महिला बंदियों ने योगाभ्यास किया। इस दौरान ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे योग अभ्यास कराए गए। इसके बाद ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों ने एकाग्रचित्त होकर भाग लिया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा गया दावा
जेल प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण Guinness World Records तथा International Yoga Book of Records को भेजे गए हैं। दावा किया गया है कि यह “Largest Yoga Session of Prisoners” श्रेणी में रिकॉर्ड बन सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित संस्थाओं द्वारा जांच के बाद लिया जाएगा।
योग गुरु कृष्णा गुरुजी ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर जीवन को नई दिशा देता है।