ओलंपिक चैंपियन Netherlands पर जीत के बाद आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम मैदान में उतरी थी। हालांकि मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहले क्वार्टर के आठवें मिनट में पाकिस्तान के नदीम अहमद ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती झटके के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया और लगातार पाकिस्तानी गोलपोस्ट पर दबाव बनाए रखा।
दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। 22वें मिनट में अभिषेक ने रिबाउंड पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई। इसके केवल दो मिनट बाद नीलकांत शर्मा ने शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। हाफटाइम तक भारतीय टीम पूरी तरह लय में दिखाई दी और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाती रही।
तीसरे क्वार्टर में भी भारत का आक्रमण जारी रहा। 40वें मिनट में सुखजीत सिंह ने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन करते हुए शानदार गोल दागा। उन्होंने गेंद को हवा में उछालकर ऐसा शॉट लगाया जिसे रोक पाना पाकिस्तानी गोलकीपर के लिए संभव नहीं था। इस गोल ने भारत की बढ़त 3-1 कर दी और मैच पर उसकी पकड़ मजबूत हो गई।
चौथे क्वार्टर में मुकाबला और रोमांचक हो गया। 52वें मिनट में राजिंदर सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार गोल करते हुए भारत को 4-1 की मजबूत बढ़त दिलाई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के सटीक पास का राजिंदर ने शानदार तरीके से फायदा उठाया। हालांकि पाकिस्तान ने हार नहीं मानी और अबू महमूद तथा मोइन शकील के गोलों की बदौलत स्कोर 4-3 तक पहुंचा दिया। अंतिम मिनटों में पाकिस्तान ने बराबरी की भरपूर कोशिश की लेकिन भारतीय डिफेंस ने मजबूती दिखाते हुए जीत सुनिश्चित कर ली।
इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हाल के वर्षों में भारत हॉकी में पाकिस्तान पर लगातार हावी रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में पाकिस्तान ने कुल 82 और भारत ने 68 जीत दर्ज की हैं लेकिन पिछले दस वर्षों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इस दौरान भारत पाकिस्तान के खिलाफ 18 मुकाबलों में अपराजित रहा है जिसमें 16 जीत और दो ड्रॉ शामिल हैं।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एफआईएच प्रो लीग अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की है। 13 मुकाबलों में तीन जीत के साथ भारत सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं पाकिस्तान की टीम लगातार 13 हार के साथ तालिका में सबसे नीचे बनी हुई है। अब भारतीय टीम की नजर अगले मुकाबलों पर होगी जहां उसे पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच तथा इंग्लैंड के खिलाफ दो महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं।
यह जीत केवल अंक तालिका के लिहाज से ही नहीं बल्कि मनोबल के स्तर पर भी भारतीय टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। हरमनप्रीत ब्रिगेड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में दबाव को कैसे अवसर में बदला जाता है।