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नाना पटवारी ने मानी पुरानी ड्रग्स की लत, बोले- रिहैब के बाद छोड़ा नशा; कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध


मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटवारी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे करीब तीन साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि आज उनका ड्रग तस्करी से कोई संबंध नहीं है और उनकी सबसे बड़ी गलती सिर्फ इतनी है कि वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटवारी ने दावा किया कि ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आरोपियों से उनका कोई लेन-देन या संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि वे अपनी कार की सर्विसिंग कराने गए थे, तभी पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। उनके अनुसार थाने में उनसे केवल सामान्य पूछताछ की गई, लेकिन हिरासत में लेने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे दिन उन्हें अलग-अलग स्थानों पर घुमाया गया और देर रात बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

नाना पटवारी ने कहा कि उनकी कार संजय कौशल उर्फ रॉनी के सर्विस सेंटर पर सर्विस होती है और वहीं काम करने वाले कुछ लोगों के बारे में पुलिस ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्कॉर्पियो वाहन की चर्चा हो रही है, वह उनकी नहीं बल्कि संजय कौशल की है और उसमें मिले किसी भी सामान से उनका कोई संबंध नहीं है।

इस पूरे मामले को कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बना रही है। उनका कहना है कि नाना पटवारी का ड्रग तस्करी प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें केवल राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से हिरासत में लिया गया।

दूसरी ओर इंदौर पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह जांच के आधार पर की गई। डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक राजेंद्र नगर क्षेत्र से ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार दो आरोपियों इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी ने पूछताछ के दौरान नाना पटवारी और मानव गंगवानी का नाम लिया था। इसी आधार पर दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है और जांच में जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

नाना पटवारी पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित लगभग दस आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आ चुकी है। वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। वहीं वर्ष 2025 में जमीन विवाद और 2018 में महिला से कथित अभद्रता के मामले में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। उनका नाम खुशी कूलवाल आत्महत्या मामले की जांच के दौरान भी सामने आया था, हालांकि उस मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

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