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पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच कांग्रेस ने साझा की इंदिरा गांधी की ऐतिहासिक तस्वीरें, कूटनीति और प्रकृति संरक्षण की विरासत पर दिया जोर

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच राजनीतिक बयानबाजी का नया दौर देखने को मिला है। कांग्रेस ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के ऑस्ट्रेलिया दौरों की ऐतिहासिक तस्वीरें साझा करते हुए उनके पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों के प्रति लगाव और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में निभाई गई भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा। इस कदम को वर्तमान विदेश दौरे के बीच राजनीतिक और वैचारिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने वर्ष 1968 और 1981 के ऑस्ट्रेलिया दौरों से जुड़ी दो तस्वीरें साझा कीं। एक तस्वीर में इंदिरा गांधी कंगारू को भोजन कराती हुई दिखाई देती हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में वह सिडनी के तारोंगा जू में कोआला के साथ नजर आती हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से कांग्रेस ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि इंदिरा गांधी विदेश यात्राओं के दौरान केवल कूटनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहती थीं, बल्कि पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण जैसे विषयों को भी महत्व देती थीं।

कांग्रेस का कहना है कि इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान दिया। उन्होंने विभिन्न देशों के साथ जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों के संरक्षण से जुड़े समझौतों को बढ़ावा दिया तथा वैश्विक स्तर पर प्रकृति संरक्षण के प्रयासों का समर्थन किया। उनके कार्यकाल में पर्यावरण से जुड़ी कई नीतियों और संरक्षण अभियानों को भी नई दिशा मिली, जिनका प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिला।

इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा भी कई महत्वपूर्ण समझौतों और कार्यक्रमों के कारण चर्चा में रहा। दौरे के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक, तकनीकी और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से कई नई पहलों पर सहमति व्यक्त की। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला जैसे भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने मेलबर्न में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय मौजूद रहे। इसके अलावा उन्होंने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा किया और दोनों देशों के बीच खेल सहयोग को नई दिशा देने वाले कार्यक्रमों में भी भाग लिया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उच्च तकनीक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े कई निर्णय भी इस यात्रा के दौरान सामने आए, जिन्हें द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विदेश यात्राओं के दौरान पूर्व और वर्तमान सरकारों की उपलब्धियों को लेकर राजनीतिक दल अक्सर अपनी-अपनी प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण को सामने रखते हैं। कांग्रेस द्वारा इंदिरा गांधी के पुराने ऑस्ट्रेलिया दौरों को याद करना भी इसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें उनके पर्यावरण संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में योगदान को रेखांकित किया गया है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। रक्षा, व्यापार, शिक्षा, खेल, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ा है। ऐसे समय में वर्तमान कूटनीतिक उपलब्धियों के साथ-साथ ऐतिहासिक संदर्भों को भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े मुद्दे देश की आंतरिक राजनीति में भी लगातार महत्वपूर्ण स्थान बनाए हुए हैं।

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