अटलांटा में खेले गए मुकाबले में डीआर कांगो ने दमदार शुरुआत की थी। सातवें मिनट में Bryan Sipeŋga ने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि, इंग्लैंड के कप्तान Harry Kane ने दो गोल कर मैच का रुख पलट दिया और इंग्लैंड को 2-1 से जीत दिलाकर अगले दौर में पहुंचा दिया।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अधिकारी ने फ्रेंच भाषा में देसाब्रे को उनके पिता के निधन की सूचना दी। यह खबर सुनते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल पूरी तरह बदल गया। अधिकारी ने संवेदना व्यक्त करते हुए बातचीत समाप्त करने की घोषणा की। कुछ क्षणों तक स्तब्ध रहने के बाद देसाब्रे ने सभी का धन्यवाद किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर बाहर चले गए।
हालांकि टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई, लेकिन डीआर कांगो ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रचा। 1974 के बाद पहली बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली टीम ने अपने पहले नॉकआउट चरण तक पहुंचकर दुनिया का ध्यान खींचा। ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने अंतिम 32 में जगह बनाई और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी संघर्षपूर्ण खेल दिखाया।
हार के बाद देसाब्रे ने कहा कि उनकी टीम ने पूरी मेहनत की, लेकिन अनुभव की कमी निर्णायक साबित हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि खिलाड़ियों ने कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन उनका फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैरी केन ने मिले मौकों का पूरा लाभ उठाया।
कोच ने अपने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पूरी टीम पर गर्व है। उनके अनुसार यह विश्व कप डीआर कांगो फुटबॉल के लिए एक बड़ा सीखने का अनुभव है और इस स्तर पर खेलने से युवा खिलाड़ी भविष्य में और मजबूत होकर लौटेंगे।