निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी। इसके बाद उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी जबकि 16 जुलाई नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। सभी मतदान केंद्रों पर मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। निर्वाचन प्रक्रिया को 4 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद आई। उन्हें एक पुराने आपराधिक मामले में दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाई गई थी जिसके बाद कानून के अनुसार उनकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट को रिक्त घोषित कर दिया और निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
राजेंद्र भारती के खिलाफ मामला वर्ष 1998 में सामने आए दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक के एक कथित फिक्स्ड डिपॉजिट फर्जीवाड़े से जुड़ा है। आरोप था कि बैंक के रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर कर एक फिक्स्ड डिपॉजिट की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पंद्रह वर्ष कर दी गई। इसी आधार पर वर्ष 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी भी थे। जांच के बाद इस मामले में आरोपपत्र दायर किया गया और अदालत की सुनवाई के बाद उन्हें दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाई गई।
कानूनी प्रावधानों के तहत दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता समाप्त हो जाती है। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत संघ फैसले जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191 के प्रावधानों के आधार पर उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई। इसके बाद दतिया सीट रिक्त घोषित हुई और अब इस पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों इस मुकाबले को प्रतिष्ठा का प्रश्न मान रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार तेज होगा और सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। अब सबकी निगाहें 30 जुलाई के मतदान और 3 अगस्त को आने वाले जनादेश पर टिकी हैं जो दतिया की राजनीति की नई दिशा तय करेगा।