नई दिल्ली । भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच इटली की राजधानी रोम में बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन ने एक विशेष स्मार्ट ब्रेसलेट आधारित निगरानी प्रणाली शुरू की है, जिसका उद्देश्य हीटवेव से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों की समय रहते पहचान करना और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह पहल विशेष रूप से अकेले रहने वाले और अधिक उम्र के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
रोम में इन दिनों तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। ऐसे मौसम में बुजुर्गों के लिए डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सेंसर आधारित स्मार्ट ब्रेसलेट का उपयोग शुरू किया है, जो पहनने वाले व्यक्ति की गतिविधियों और स्वास्थ्य संबंधी संकेतों पर लगातार नजर रखता है।
यह स्मार्ट ब्रेसलेट कई आधुनिक सेंसरों से लैस है। इसमें मोशन सेंसर, एक्सेलेरोमीटर, जाइरोस्कोप और ऑप्टिकल हार्ट रेट सेंसर जैसे उपकरण लगाए गए हैं। ये सेंसर उपयोगकर्ता की दैनिक गतिविधियों, शरीर की हलचल और दिल की धड़कन की निगरानी करते रहते हैं। यदि किसी व्यक्ति के अचानक गिरने, लंबे समय तक निष्क्रिय रहने या स्वास्थ्य संबंधी किसी असामान्य स्थिति का संकेत मिलता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है।
इस तकनीक की विशेषता केवल स्वास्थ्य निगरानी तक सीमित नहीं है। स्मार्ट ब्रेसलेट से प्राप्त जानकारी सीधे एक निगरानी केंद्र तक पहुंचती है, जहां प्रशिक्षित कर्मचारी लगातार डेटा पर नजर रखते हैं। किसी भी आपात स्थिति की पहचान होने पर संबंधित व्यक्ति से तुरंत संपर्क किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सहायता या आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दी जाती हैं। इससे गंभीर परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाती है।
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को यूरोपीय संघ के कोविड रिकवरी फंड के तहत वित्तीय सहायता दी गई है। इस पहल के लिए लगभग 400 मिलियन यूरो का बजट निर्धारित किया गया है और अब तक सैकड़ों बुजुर्गों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है। प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक इस सुविधा का विस्तार करना है ताकि अत्यधिक गर्मी के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया जा सके।
स्मार्ट डिवाइस के साथ मानवीय निगरानी को भी इस योजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। प्रशासनिक टीम नियमित रूप से बुजुर्गों से फोन पर संपर्क कर उनकी सेहत की जानकारी लेती है। बातचीत के दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि उन्होंने समय पर दवाइयां ली हैं, पर्याप्त पानी पी रहे हैं और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपना रहे हैं। इस दोहरी व्यवस्था से तकनीक और व्यक्तिगत देखभाल का बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के कई हिस्सों में हीटवेव की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में स्मार्ट स्वास्थ्य उपकरण और डिजिटल निगरानी प्रणाली भविष्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं। रोम की यह पहल दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर प्राकृतिक आपदाओं और अत्यधिक मौसम संबंधी जोखिमों के दौरान संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सकता है।