नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) द्वारा आयोजित वार्षिक रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में बोलते हुए अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार देश से हर घुसपैठिए को खोजकर बाहर करेगी। उन्होंने कहा कि भारत की सीमाओं पर अब किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ या जनसांख्यिकीय बदलाव की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गृह मंत्री ने बताया कि “स्मार्ट बॉर्डर” परियोजना के तहत सीमा सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। इसमें ड्रोन, रडार, हाई-टेक कैमरे, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सकेगा। उनका कहना था कि पारंपरिक सुरक्षा प्रणाली अब बदलते खतरे के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।
अमित शाह ने कहा कि भारत की सीमाओं को इस समय कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें घुसपैठ, ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली मुद्रा, मवेशियों की अवैध आवाजाही और संगठित अपराध शामिल हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घुसपैठ रोकना नहीं, बल्कि उन सभी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजना भी है, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया।
उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होगा ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को पहले से पहचानना और उसके अनुसार रणनीति बनाना बेहद जरूरी है।
अमित शाह ने यह भी दावा किया कि 2014 के बाद देश की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है और सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार आने वाले समय में सीमा सुरक्षा से जुड़े राज्यों और एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाएगी। इसके अलावा सीएपीएफ जवानों के कल्याण और नशा तस्करी के खिलाफ बड़े अभियान की भी तैयारी की जा रही है।
कुल मिलाकर, “स्मार्ट बॉर्डर” योजना को सरकार की एक बड़ी सुरक्षा रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसका लक्ष्य आधुनिक तकनीक के जरिए भारत की सीमाओं को और अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाना है।