Sexual Harassment Case : बृजभूषण शरण सिंह यौन शोषण केस में बरी, बोले- होइहि सोइ जो राम रचि राखा
Brij Bhushan Singh Acquitted : फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जज ने उन्हें और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी किया है।
Brij Bhushan Singh Acquitted : नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट में सुनवाई के समय कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सचिव विनोद तोमर मौजूद रहे।
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जज ने उन्हें और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि अगर आरोप साबित हो जाएंगे तो वह फांसी पर लटक जाएंगे। उन्होंने इस दिन को अपने लिए खुशी का दिन बताया।
जनवरी 2023 में शुरू हुआ था विवाद
यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। उस समय विनेश फोगाट, साक्षी मलिक सहित कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था। उस समय बृजभूषण भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष थे।
127 सुनवाई के बाद आया फैसला
2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने फैसला सुनाया।
मामला सामने आने के बाद कुल 1133 दिनों में 127 सुनवाई हुईं। बृजभूषण 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे। 10 मई 2024 को दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर अदालत ने आरोप तय किए थे। इसके बाद मामले का ट्रायल शुरू हुआ था।
बरी होने का मतलब और आगे की कार्रवाई
कोर्ट से बरी होने का मतलब है कि अदालत में अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हो पाए, इसलिए सजा नहीं दी गई। इसका मतलब यह नहीं होता कि हर आरोप गलत साबित हो गया है।
इस मामले में पीड़ित महिला पहलवान हाईकोर्ट में अपील कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें 60 दिनों के अंदर विशेष अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद याचिका दाखिल की जा सकती है।
नाबालिग पहलवान ने वापस ली थी शिकायत
मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। छह खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में एक नाबालिग पहलवान ने अपनी शिकायत वापस ले ली और अपना बयान बदल दिया था। आरोप तय होने की प्रक्रिया के दौरान बृजभूषण ने पूरे मामले को झूठा और प्रेरित बताया था।
पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोप
महिला पहलवानों ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों में कहा गया था कि बुल्गारिया में वर्ल्ड जूनियर रेसलिंग चैंपियनशिप के दौरान बृजभूषण ने एक पहलवान को अकेले बुलाया और सांस जांचने के बहाने छुआ। एक अन्य आरोप में कहा गया कि 2022 में जापान प्रतियोगिता के दौरान चोट लगने के बाद इलाज के बदले गलत मांग की गई।
एक पहलवान ने आरोप लगाया था कि बिसकेक में मैट पर वार्मअप करते समय उनकी टी-शर्ट ऊपर खींची गई और छाती पर हाथ रखा गया। एक अन्य आरोप में लखनऊ चैंपियनशिप के दौरान ग्रुप फोटो के समय कमर के नीचे हाथ रखने और विरोध करने पर धमकाने की बात कही गई।
कर्नाटक में मेडल सेरेमनी के दौरान निजी सवाल पूछने और फोटो के लिए जबरदस्ती पास खींचने का भी आरोप लगाया गया था। एक पहलवान ने आरोप लगाया था कि गोल्ड मेडल जीतने के बाद बधाई देने के बहाने बुलाकर जबरदस्ती गले लगाया गया और सप्लीमेंट दिलाने के बदले गलत मांग की गई।
मंगोलिया में डिनर टेबल पर बुलाकर छाती, हाथ, घुटने, जांघ और कंधे को गलत तरीके से छूने का आरोप भी लगाया गया था। जकार्ता में मेडल जीतने के बाद गले लगाकर छाती पर हाथ रखने का आरोप लगाया गया था।
फैसले के बाद बृजभूषण का बयान
फैसले के बाद जब बृजभूषण अपने आवास पहुंचे तो समर्थकों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा।” उनके बेटे करण भूषण ने फेसबुक पर लिखा कि साजिश नाकाम हुई और सत्य की जीत हुई। उन्होंने लिखा कि पिताजी बाइज्जत बरी हुए। वहीं WFI अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि बृजभूषण पर झूठे आरोप लगाए गए थे और कोर्ट के फैसले के बाद कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।
पहलवानों के आंदोलन की पूरी टाइमलाइन
18 जनवरी 2023 को विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए।
20 जनवरी 2023 को पहलवानों ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को शिकायत दी। इसके बाद IOA ने मैरी कॉम की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई।
21 जनवरी 2023 को खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बैठक के बाद सरकार ने जांच का भरोसा दिया। इसके बाद पहलवानों ने पहला धरना खत्म किया। खेल मंत्रालय ने WFI की गतिविधियों पर रोक लगा दी।
30 मई 2023 को पहलवान हरिद्वार में गंगा में मेडल बहाने पहुंचे थे। किसान नेता नरेश टिकैत के समझाने के बाद यह फैसला टाल दिया गया।
7 जून 2023 को खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ करीब छह घंटे की बैठक के बाद पहलवानों ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया।
