जनजीवन पर भारी पड़ी मानसूनी बारिश: भोपाल में स्कूलों की छुट्टी और जलभराव से बढ़ी मुश्किलें, देश के कई राज्यों में हादसों का दौर
देशभर में मानसून के सक्रिय होने से भारी बारिश का कहर जारी है। भोपाल में स्कूलों की छुट्टी और जलभराव के बीच मुंबई, बिहार और पहाड़ी राज्यों में हादसों से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
देशभर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में मानसून जैसे पूरी तरह एक्टिव हो गया है , और इसका सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की दिनचर्या पर साफ़ दिख रहा है। लगातार जोरदार बारिश की वजह से आम नागरिकों की आवाजाही, काम धंधा , सब कुछ बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में लगातार तीसरे दिन भी बारिश थमने का नाम नहीं ले रही , जिसके चलते कई बड़े शहरों में जलभराव व बाढ़ जैसी स्थिति बनती जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मध्य भारत से लेकर देश के पूर्वी हिस्सों और साथ साथ पश्चिमी इलाकों तक भारी मानसूनी गतिविधि दर्ज की गई है।
भोपाल में लगातार तीसरे दिन स्कूल बंद, घरों में पानी घुसा
भोपाल में बारिश ने सच में हालात उलट दिए हैं। पिछले दो दिनों में करीब 8.57 इंच बारिश दर्ज हुई , और इसी के साथ प्रदेशभर में कुल बारिश का आंकड़ा करीब 19.6 इंच तक पहुंच गया है। भारी जलभराव की वजह से शहर के कई निचले इलाके पानी से लबालब दिखे , और करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी पहुंचने की गंभीर परिस्थिति सामने आई है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर के निर्देश और जिला शिक्षा अधिकारी की तर्ज पर बुधवार, 12 अगस्त को लगातार तीसरे दिन नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी , और निजी स्कूलों में अवकाश का ऐलान किया गया। वैसे शिक्षकों और कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुलाया गया है , और स्कूल प्रबंधन चाहें तो ऑनलाइन या वर्चुअल क्लासेस चलाने का विकल्प भी रख सकते हैं।
पिकनिक साइट पर फंसे युवक, शिवपुरी में लंबा जाम
राजधानी भोपाल में तेज बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया , जब बाबाझिरी पिकनिक स्पॉट पर सात युवक फंस गए। पहाड़ी इलाके से नीचे उतरे पानी के कारण नाले का बहाव एकाएक बहुत तेज हो गया , और ये युवक पानी के बीच एक टीले पर घिर गए। परिजनों के जरिए डायल 112 पर सूचना पहुंचने के बाद कजली खेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची , फिर पुलिस, SDRF और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी सातों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम और बारिश के दौरान नदी , नाले और पहाड़ी इलाकों में पिकनिक मनाने से पूरी तरह परहेज करें। इसके साथ ही बारिश का असर यातायात पर भी पड़ा , और शिवपुरी में एनएच-46 पर करीब एक फीट पानी भर जाने की वजह से भारी जाम लग गया तथा वाहनों की आवाजाही थम सी गई।
मुंबई, बिहार, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश का भयंकर असर
मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी मानसूनी बारिश ने काफी परेशानी बढ़ा दी है। महाराष्ट्र की मुंबई में लगातार बारिश के चलते कुर्ला के अशोक नगर इलाके में बुधवार सुबह करीब तीन बजे गौसिया चॉल के पास भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया। इस घटना में मिट्टी का बड़ा हिस्सा खिसकने से दो से तीन घर इसकी चपेट में आ गए , जिसमें शुरुआती जानकारी के अनुसार दो लोगों की मौत होने की बात सामने आई है और कई लोग मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। उधर बिहार में बिगड़े मौसम के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने कहर बरपाया। बांका जिले में बिजली गिरने से तीन महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हुई , जबकि आठ अन्य लोग झुलस गए। वहीं नवादा जिले में वज्रपात की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को नुकसान
लगातार बारिश से पहाड़ों वाले हिस्सों में जनजीवन और परिवहन व्यवस्था दोनों पर असर पड़ा है। हिमाचल प्रदेश के शिमला–धर्मशाला एनएच-205 पर भराड़ीघाट के पास मंगलवार को एक चलती कार पर अचानक भारी चट्टान गिरने की घटना सामने आई , जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और दो लोग घायल हो गए। राज्य में बारिश और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक कुल 14 लोगों के जान गंवाने की पुष्टि हुई है। दूसरी तरफ उत्तराखंड के चमोली जिले की नीती घाटी में दो दिन पहले बादल फटने के बाद उफान पर आए तमक नाले के तेज बहाव में 17 टन स्टील से बना भारी वैली ब्रिज बह गया। इससे स्थानीय संपर्क और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है , और प्रशासन वहां अस्थायी पुल तैयार कराने की कवायद में जुटा है।
मौसम विभाग की चेतावनी , अलग अलग राज्यों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग (IMD) की ताजा चेतावनियों के मुताबिक , मध्य भारत समेत कई हिस्सों में बारिश का ये दौर अभी और जारी रह सकता है। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कहा गया है कि अगले 24 घंटों में कुछ जगहों पर चार इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल और उज्जैन संभाग में भी कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका जताई गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्वी राजस्थान , मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है , जबकि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी समेत कई इलाकों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
