झारखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त: भर्ती परीक्षा विवाद के बीच भाजपा के राज्यव्यापी बंद से आम जनता परेशान; पुलिस कार्रवाई में छात्रों और 14 जवानों को चोटें
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन का व्यापक असर आम जनजीवन पर पड़ा है। पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के राज्यव्यापी बंद और हिंसक झड़पों के कारण सड़कों पर आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की अनियमितताओं को लेकर जो छात्र आंदोलन चल रहा है उसका असर, आम जनजीवन पर साफ दिख रहा है। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ भाजपा की ओर से मंगलवार को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद से सड़कों पर लोग काफी परेशान रहे। रांची और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने रास्ते रोक दिए, टायर जला दिए, और दुकानें बंद कराने की कोशिश भी की, बस फिर जनजीवन जैसे थम सा गया।
सड़क पर उतरा गुस्सा, और आम जनता की दिक्कतें
विधानसभा घेराव के दौरान, पुरानी विधानसभा के पास जब पुलिस ने छात्रों को रोक दिया, तो प्रदर्शनकारी भी वहीं सड़क पर उतर आए। उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध किया, और पुलिस बसों तक पहुंचने की कोशिश करती रही। बैरिकेडिंग और सुरक्षाबलों की सख्त तैनाती के बीच आम नागरिकों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
लाठीचार्ज के बाद हालात, घायलों की परेशानी
सोमवार के प्रदर्शन में पुलिस की कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज को लेकर, बड़ी संख्या में छात्र घायल बताए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक कई छात्रों को गंभीर चोटें लगीं, और कुछ के हाथ-पैर में फ्रैक्चर तक हो गया। लेकिन प्रशासन का कहना अलग है. उनके अनुसार इस हिंसक झड़प में करीब 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, और इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। अधिकारी अब पूरे मामले से जुड़े वीडियो और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं, ताकि तस्वीर साफ हो पाए।
राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है, सरकार पर भी सवाल
अब यह विरोध प्रदर्शन लगभग पूरी तरह राजनीतिक रंग में ढलता जा रहा है। पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा का रुख काफी सख्त रहा, और उसने पूरे राज्य में बंद बुलाने का नेतृत्व किया। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष राजनीतिक फायदा लेने के लिए युवाओं को भटकाने की कोशिश कर रहा है। सरकार का कहना है कि वह अपने विकास के काम जारी रखेगी, और बातचीत के जरिए किसी न किसी हल तक पहुंचने का प्रयास करेगी, लेकिन छात्र अपनी मांगों से हट नहीं रहे, इसलिए फिलहाल टकराव के कम होने के संकेत नहीं दिख रहे।
