संसद में हंगामे का असर और जनता से जुड़े बड़े मुद्दे: पुलिस कार्रवाई और वंदे मातरम् विधेयक पर क्या रहा असर, जानिए संसद के हाल
संसद के मानसून सत्र में मचे हंगामे और गतिरोध के बीच जनता से जुड़े कई अहम विधायी फैसले और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए हैं। राष्ट्रपति ने वंदे मातरम् संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है, जबकि दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर घमासान जारी है।
संसद के मानसून सत्र 2026 के दौरान जो घमासान और ये हंगामा हुआ है न, अब इसका असर साफ दिखने लगा है, खासकर देश की व्यवस्था से जुड़े नीतिगत फैसलों में और आम जनता की रोज़मर्रा वाली जिंदगी तक में। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई वाला मुद्दा इन दिनों सबसे ज़्यादा चर्चा में है, और विपक्षी दल इस पर कड़ा रुख अख्तियार कर रहे हैं। लोगों के बीच ये सवाल भी घूम रहा है कि इन गतिरोधों के बीच, सामान्य जनजीवन और देश से जुड़े अहम मुद्दों पर संसद में किस तरह के फैसले, और कितनी तेजी से, लिए जा रहे हैं।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राहुल-प्रियंका पर राजनीति
विपक्ष की तरफ से दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा जा रहा है। सरकार की ओर से ये बात सामने आई है कि अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं, पर राहुल गांधी का कहना है कि विपक्ष बस गृह मंत्री की राय नहीं सुनना चाहता , बल्कि ये जवाब चाहता है कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था। इसी बीच संसद परिसर में माहौल और गरम हो गया, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी पहुंचीं तो बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए। बीजेपी सांसद मुकेश दलाल द्वारा झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से राहुल गांधी की मुलाकात को लेकर सवाल उठाए जाने पर प्रियंका गांधी ने जवाब दिया कि राहुल गांधी झारखंड जा कर छात्रों से मिल चुके हैं।
वंदे मातरम् विधेयक को मंजूरी, और केरल नाम बदलाव का असर
संसद में चल रहे हंगामे के बीच कुछ बड़े विधायी फैसले भी हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों पर और देश की सांस्कृतिक संरचना पर भी पड़ेगा। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वंदे मातरम् से जुड़े संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब राष्ट्रीय गीत को कानूनी सुरक्षा और ज़्यादा मजबूत हो गई है। नए प्रावधान के तहत, वंदे मातरम् के गायन में जानबूझकर रोड़ा डालना या किसी आयोजन को इसे गाने से रोकना अब दंडनीय अपराध माना गया है, इसमें जेल , जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा भारी शोर-शराबे के बीच लोकसभा से दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए—केरल (नाम में बदलाव) विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026। केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की प्रक्रिया को पहले राज्य विधानसभा की सहमति मिल चुकी थी।
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित, और सुचारु संचालन की अपील
संसद के मानसून सत्र में, जो 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा, लगातार उठते हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित कर दी गई। बताया गया कि इसे पहले सुबह 11 बजे तक और फिर दोपहर दो बजे के बाद भी नारेबाजी थमने का नाम नहीं लेने पर रोकना पड़ा, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही चलती रही। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए राहुल गांधी और विपक्ष से अपील की है कि जब गृह मंत्री चर्चा के लिए तैयार हैं, तो सदन की कार्यवाही को ठीक तरह से चलने दिया जाए, ताकि देशहित के मुद्दों पर बिना रुकावट के काम हो सके।
