बीमार महिला के इलाज की जल्दबाजी में हुआ हादसा: ग्रामीणों की चेतावनी के बाद भी उफनते नाले में उतारी ईको वैन
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पचोर-सारंगपुर मार्ग पर उफनते झिरी नाले में ईको वैन बहने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। कनावड़ धाम में बीमार महिला का इलाज कराने जा रहा परिवार ग्रामीणों की चेतावनी के बावजूद जल्दबाजी में नाला पार कर रहा था।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में उफनते नाले को पार करने की एक दमदमाती जल्दबाजी, जैसे देवास जिले के उसी एक ही परिवार पर काल बनकर टूटी हो… अरे हां पचोर- सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना कस्बे के पास झिरी नाले में तेज बहाव के चलते ईको वैन बुरी तरह बह जाने की वजह से तीन बच्चे और दो महिलाएं समेत कुल 9 लोगों की जान चली गई। और बाकी दो लोग तैरकर किसी तरह बाहर निकल आए। खैर… बीमार महिला को समय पर अस्पताल ले जाने की बेचैनी में उफनती पुलिया पर गाड़ी उतारना ही शायद इस भयानक हादसे का कारण बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी घटना पर शोक जताया है, साथ ही पीड़ितों के लिए सहायता राशि की घोषणा कर दी है
15 मिनट रुके, फिर अस्पताल समय पर पहुँचाने की धुन… बस गाड़ी उफान में उतारी
हादसे में बच गए वाहन चालक मुकेश सिंह ने बताया कि ये परिवार देवास जिले के सतवास इलाके के धांसड़ गांव का रहने वाला था। परिवार में एक महिला लकवे जैसी बीमारी से परेशान थी, जिसे इलाज के लिए कनावड़ धाम ले जाया जा रहा था। गाड़ी कड़लावद गांव की तरफ बढ़ रही थी। उसी दौरान रास्ते में पड़ाना के पास, झिरी नाले पर 30 फीट लंबा निर्माणाधीन पुल था, लेकिन पानी तेज रफ्तार से उमड़ रहा था
स्थानीय ग्रामीणों ने “रुको” कहकर गाड़ी रोक भी दी थी, लगभग 15 मिनट तक परिवार वहीं रुका रहा, लेकिन मरीज को जल्दी पहुंचाने की चिंता, बस उसी ने लोगों को कार आगे बढ़ाने को कहा। और जैसे ही कार पानी में उतरते ही, तेज बहाव के चलते फिसलकर गाड़ी सीधे गहरे नाले में समा गई
दो युवकों ने तैरकर बचाई जान, तीन मासूमों सहित 9 लोगों की दर्दनाक मौत
इस हादसे के दौरान मुकेश सिंह और हुकुम सिंह किसी तरह तैरते हुए नाले से बाहर निकल पाए। उन्हें इलाज के लिए सारंगपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी वाहन में सवार 9 लोग नहीं बच पाए। मृतकों में शंकर सिंह, उनकी पत्नी सागरबाई, रीनू (पत्नी हुकुम सिंह), 3 वर्षीय मासूम राजवीर, जसप्रीत, विशाल चौहान, पूजा (पत्नी विशाल चौहान), रिशिका और आनंद सिंह शामिल बताए गए हैं। घटना के बाद गांव में, घरों में शोक का माहौल छा गया
निर्माणाधीन पुल पर रेलिंग नहीं थी, SDERF व क्रेन से कार निकाली गई
प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार के मुताबिक, पुलिया पर पानी इतना भरा था कि वाहन की स्थिति संभल नहीं पाई। ऊपर से सड़क पर सुरक्षा रेलिंग नहीं होने की वजह से वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे नाले में बह गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम रोहित बम्होरे, एसडीओपी अरविंद सिंह और थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी के साथ पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। SDERF के रेस्क्यू में जलस्तर थोड़ा कम होते ही क्रेन के जरिए ईको वैन को बाहर निकाला गया। फिर सर्च टीम ने आसपास खोजबीन कर सभी शवों को बरामद करके अस्पताल भेजा
CM मोहन यादव ने शोक जताया, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख सहायता का निर्देश
राजगढ़ हादसे की खबर सुनते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख जताया। सोशल मीडिया के जरिए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि 9 मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही उन्होंने ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और परिजनों को इस विकट दुख को सहन करने की ताकत देने की प्रार्थना भी की
