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रेलवे, डिफेंस और ड्रोन सेक्टर पर दांव, 14 जुलाई से खुलेगा मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज का IPO; ग्रे मार्केट में 120% से अधिक प्रीमियम की चर्चा

नई दिल्ली । हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में कार्यरत मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड अपना 160.34 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लेकर आ रही है। रेलवे, एयरोस्पेस, डिफेंस, मेट्रो, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए अत्याधुनिक कंपोनेंट तैयार करने वाली कंपनी का यह इश्यू 14 जुलाई से निवेशकों के लिए खुलेगा। ग्रे मार्केट में मजबूत प्रीमियम की चर्चा के कारण इस आईपीओ ने बाजार सहभागियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम किसी भी शेयर के सूचीबद्ध होने के बाद उसके प्रदर्शन की गारंटी नहीं माना जाता।

कंपनी का सार्वजनिक निर्गम 14 जुलाई से 16 जुलाई 2026 तक निवेश के लिए खुला रहेगा। शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया 17 जुलाई को पूरी होने की संभावना है, जबकि कंपनी के शेयर 21 जुलाई को बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध हो सकते हैं। यह पूरा इश्यू फ्रेश शेयरों का है, इसलिए इससे जुटाई जाने वाली राशि सीधे कंपनी के विस्तार और परिचालन क्षमता बढ़ाने में उपयोग की जाएगी।

मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज ने आईपीओ का प्राइस बैंड 315 रुपये से 331 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है। आवेदन के लिए एक लॉट में 400 शेयर रखे गए हैं। खुदरा निवेशकों को न्यूनतम दो लॉट, यानी 800 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर इसके लिए लगभग 2.65 लाख रुपये का न्यूनतम निवेश आवश्यक होगा। वहीं, उच्च नेटवर्थ निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन तीन लॉट का निर्धारित किया गया है, जिसके लिए लगभग 3.97 लाख रुपये का निवेश करना होगा।

कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से प्राप्त पूंजी का बड़ा हिस्सा उत्पादन क्षमता बढ़ाने में लगाया जाएगा। लगभग 61.03 करोड़ रुपये नई प्लांट एवं मशीनरी की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा करीब 81.50 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने में लगाए जाएंगे, जबकि शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इससे उसकी विनिर्माण क्षमता और बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।

वर्ष 2021 में स्थापित मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी रेलवे कोच के पुर्जे, ब्रेकिंग सिस्टम, डोर मैकेनिज्म, मेट्रो ट्रेन कपलर, एयरोस्पेस कंपोनेंट, ड्रोन पार्ट्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में उपयोग होने वाले जटिल इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्माण करती है। इन क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने कारोबार के विस्तार की दिशा में लगातार निवेश कर रही है।

कर्नाटक के बेंगलुरु में कंपनी की चार आधुनिक विनिर्माण इकाइयां संचालित हैं, जहां उन्नत सीएनसी मशीनिंग सेंटर, वायर ईडीएम मशीन, फाइबर लेजर कटिंग सिस्टम और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जाते हैं। आधुनिक तकनीक और विशेष इंजीनियरिंग क्षमता के कारण कंपनी ने हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

बाजार में इस आईपीओ को लेकर उत्साह का एक कारण इसका मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम भी बताया जा रहा है। हालांकि निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आईपीओ में निवेश का निर्णय केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर नहीं लिया जाना चाहिए। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, जोखिम कारकों और मूल्यांकन का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने के बाद ही निवेश संबंधी फैसला करना चाहिए।

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