होम्योपैथिक/आयुर्वेदिक डिग्री पर एलोपैथिक इलाज का आरोप
जांच में सामने आया कि संबंधित डॉक्टर के पास होम्योपैथिक या आयुर्वेदिक डिग्री थी, लेकिन वह मरीजों का एलोपैथिक इलाज कर रहा था। साथ ही अस्पताल से बड़ी मात्रा में अमानक दवाइयां भी बरामद की गईं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टर बिना वैध अनुमति और रजिस्ट्रेशन के इलाज कर रहा था और सोशल मीडिया के जरिए भी मरीजों को परामर्श देता था।
8 क्लिनिक और कई संस्थानों पर भी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़नगर और आसपास के क्षेत्रों में करीब एक दर्जन से अधिक संस्थानों की जांच की। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर 8 क्लिनिक, एक पैथोलॉजी लैब, एक मेडिकल स्टोर और एक निजी अस्पताल को सील किया गया। सील किए गए प्रमुख संस्थानों में आरोग्यम क्लीनिक, वेदांता अस्पताल, देवकमल पॉली क्लीनिक, विशेष पैथोलॉजी, जय अम्बे पॉली क्लीनिक सहित कई नाम शामिल हैं।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही। कुछ जगहों पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे और जांच प्रक्रिया को पूरा किया गया।
यह मामला साफ दिखाता है कि बिना मान्यता और रजिस्ट्रेशन के चल रहे क्लिनिक और सोशल मीडिया के जरिए इलाज करने वाले फर्जी प्रैक्टिस सिस्टम के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं, जिस पर अब प्रशासन सख्ती बढ़ा रहा है।