साउथ कोरिया ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। पहले मुकाबले में टीम ने चेकिया को 2 1 से हराकर अपने अभियान की बेहतरीन शुरुआत की थी। इस जीत के बाद माना जा रहा था कि टीम आसानी से नॉकआउट चरण में पहुंच जाएगी। लेकिन अगले दो मुकाबलों में पूरी तस्वीर बदल गई। मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार 1 0 से मिली हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। अंक तालिका में तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद साउथ कोरिया सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली आठ टीमों में भी जगह नहीं बना सका और ग्रुप चरण से ही टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
विश्व कप से बाहर होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 57 वर्षीय होंग म्युंगबो भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि देश के लाखों फुटबॉल प्रशंसकों ने टीम पर भरोसा जताया था लेकिन वह उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की लेकिन टीम को अपेक्षित सफलता नहीं दिला पाए। इसी कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया है।
होंग म्युंगबो ने अपने सहयोगी कोचों और सपोर्ट स्टाफ का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम किया लेकिन कई बार प्रयासों के बावजूद परिणाम आपके पक्ष में नहीं आते। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करना उनके लिए हमेशा गर्व की बात रही है।
होंग म्युंगबो ने वर्ष 2024 में दूसरी बार साउथ कोरिया की राष्ट्रीय टीम की कमान संभाली थी। उनके दूसरे कार्यकाल में टीम ने कुल 26 मुकाबले खेले जिनमें 15 मैच जीते जबकि 6 में हार का सामना करना पड़ा और 5 मुकाबले ड्रॉ रहे। इससे पहले भी वह 2013 और 2014 के दौरान राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं।
कोच बनने से पहले होंग म्युंगबो साउथ कोरिया के सबसे सफल फुटबॉल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में देश के लिए 136 मुकाबले खेले और लंबे समय तक टीम के प्रमुख डिफेंडर रहे। वर्ष 2009 में उन्होंने अपने कोचिंग करियर की शुरुआत की और बाद में राष्ट्रीय टीम के साथ कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
अपने विदाई संदेश में होंग म्युंगबो ने कहा कि भले ही वह मुख्य कोच का पद छोड़ रहे हों लेकिन साउथ कोरिया के फुटबॉल के प्रति उनका समर्पण और प्यार कभी कम नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मौजूदा टीम भविष्य में मजबूत वापसी करेगी और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि अब वह एक समर्थक के रूप में हमेशा अपनी राष्ट्रीय टीम का हौसला बढ़ाते रहेंगे और उम्मीद करेंगे कि कोरियाई फुटबॉल फिर नई ऊंचाइयों को छुए।