जानकारी के मुताबिक हाल के दिनों में कुछ इलाकों में डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसका प्रमुख कारण कृषि क्षेत्र में फसल कटाई का मौसम बताया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर कीमतें अधिक होने के कारण उपभोक्ता सरकारी पंपों की ओर अधिक संख्या में जा रहे हैं, जिससे कुछ स्थानों पर अस्थायी दबाव की स्थिति बन गई है। इसके अलावा संस्थागत खरीद में वृद्धि ने भी कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी तरह की राष्ट्रीय स्तर की कमी की स्थिति नहीं है। मौजूदा चुनौतियां केवल वितरण और मांग के स्थानीय बदलाव से जुड़ी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए तेल विपणन कंपनियां लगातार सक्रिय हैं।
इसी बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कुछ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि Indian Oil Corporation ने यह भरोसा दिलाया है कि वह देशभर में निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर कंपनी का संदेश साफ है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सप्लाई व्यवस्था मजबूत और स्थिर बनी हुई है।