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बाइक, कार, ट्रैक्टर और EV की बढ़ती मांग से ऑटो सेक्टर में उछाल, मई में रिटेल बिक्री 9.55 फीसदी बढ़ी

नई दिल्ली । देश के ऑटोमोबाइल बाजार ने मई 2026 में नई ऊंचाई हासिल करते हुए रिटेल बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है। महंगाई, ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव और भीषण गर्मी जैसी चुनौतियों के बावजूद वाहन खरीदारी की मजबूत मांग देखने को मिली। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ग्राहकों की सक्रिय भागीदारी ने ऑटो सेक्टर को मजबूती प्रदान की, जिसके परिणामस्वरूप कुल रिटेल बिक्री 25 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई।

ऑटो डीलर नेटवर्क से जुड़े ताजा आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में देशभर में कुल 25.31 लाख से अधिक वाहनों की रिटेल बिक्री दर्ज की गई। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 9.55 फीसदी अधिक रही। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता मांग में निरंतर सुधार, विवाह सीजन का प्रभाव और बेहतर वित्तपोषण विकल्पों ने बिक्री को गति दी है।

मई का महीना आमतौर पर ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए अपेक्षाकृत धीमा माना जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग रही। दोपहिया वाहनों, यात्री वाहनों, तीन-पहिया वाहनों और ट्रैक्टरों की बिक्री में उल्लेखनीय मजबूती देखने को मिली। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने और कृषि क्षेत्र से जुड़ी सकारात्मक उम्मीदों ने वाहन खरीदारी को प्रोत्साहन दिया।

दोपहिया वाहन खंड ने बिक्री में सबसे बड़ा योगदान दिया। मई के दौरान 18 लाख से अधिक बाइक और स्कूटरों की बिक्री हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, कम ईंधन खर्च वाले वाहनों और इलेक्ट्रिक विकल्पों की बढ़ती लोकप्रियता ने इस श्रेणी को मजबूत आधार दिया। ईंधन की बढ़ती लागत के बीच उपभोक्ता अब अधिक किफायती और टिकाऊ विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

यात्री वाहन श्रेणी में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। कारों और एसयूवी की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। नए मॉडल लॉन्च, बेहतर फीचर्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ती रुचि ने ग्राहकों को आकर्षित किया। उद्योग जगत का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आय और उपभोक्ताओं का भरोसा इस वृद्धि के पीछे प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भी लगातार तेजी बनी हुई है। खासकर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ग्राहकों की ओर से ईंधन बचाने वाले और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट दिखाई दे रही है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भारतीय ऑटो बाजार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।

कॉमर्शियल वाहन और तीन-पहिया वाहन खंड में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। माल ढुलाई, छोटे व्यवसायों और शहरी परिवहन गतिविधियों में बढ़ोतरी का असर इन श्रेणियों की बिक्री पर दिखाई दिया। वहीं ट्रैक्टरों की मांग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत दिया है, जो आगामी कृषि सीजन के प्रति किसानों के सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उद्योग से जुड़े डीलरों का मानना है कि जून में भी मांग बनी रह सकती है। मानसून की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह और खरीफ सीजन की तैयारियां बाजार को अतिरिक्त समर्थन दे सकती हैं। हालांकि गर्मी, ईंधन कीमतों में संभावित बदलाव और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े लागत दबाव अभी भी चुनौतियां बने हुए हैं।

ऑटो उद्योग के जानकारों का कहना है कि मई के आंकड़े भारतीय बाजार की मजबूत उपभोक्ता क्षमता को दर्शाते हैं। यदि मानसून सामान्य रहता है और आर्थिक गतिविधियां इसी तरह जारी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में भी ऑटोमोबाइल क्षेत्र की विकास गति बरकरार रहने की संभावना है।

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