प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ियों रचिन रवींद्र ईश सोढ़ी और एजाज पटेल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि मेहनत और प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती। भारतीय मूल के इन खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड ने अवसर दिया और उन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का विश्वास भी जीता। यही भावना दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाती है।
प्रधानमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग एक शताब्दी पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर पहुंची थी। उस समय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने शानदार खेल से न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था। उन्होंने कहा कि खेल हमेशा से दोनों देशों के बीच दोस्ती का मजबूत माध्यम रहा है और आज भी यही भावना दोनों देशों को और करीब ला रही है।
उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड खेलों के क्षेत्र में नई साझेदारी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही में आयोजित न्यूजीलैंड रग्बी और भारत रग्बी के संयुक्त कोचिंग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए इसे सकारात्मक शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि भारत में रग्बी को आगे बढ़ाने के लिए अनुभवी कोच विशेषज्ञ और तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है और न्यूजीलैंड इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय रग्बी टीम ऑल ब्लैक्स की हालिया जीत पर भी बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच खेल प्रशिक्षण खिलाड़ियों के आदान प्रदान और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य में कई नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने अपने दौरे के दौरान स्पोर्ट्स स्टार्टअप कार्यक्रम में शामिल होने का अनुभव भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां प्रस्तुत किए गए नए विचार आधुनिक तकनीक और नवाचार ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। उनका मानना है कि खेल तकनीक डेटा एनालिटिक्स स्पोर्ट्स साइंस और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में भारत और न्यूजीलैंड मिलकर वैश्विक स्तर पर नई मिसाल कायम कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में न्यूजीलैंड जैसे अनुभवी देश के साथ सहयोग दोनों देशों के खिलाड़ियों युवाओं और खेल संस्थानों के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं रहेगा बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता नवाचार और आर्थिक सहयोग का भी मजबूत आधार बनेगा।
प्रधानमंत्री के संबोधन ने भारतीय समुदाय में उत्साह का माहौल पैदा किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं बल्कि खेल संस्कृति नवाचार और मानवीय मूल्यों के साझा विश्वास पर भी आधारित हैं। यही साझेदारी आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगी।