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डेकेयर सेंटर में बच्चों से कथित दुर्व्यवहार का मामला, कैपजेमिनी ने उठाया बड़ा कदम, पांच केयरगिवर्स पर केस दर्ज

नई दिल्ली। बेंगलुरु स्थित एक कॉर्पोरेट डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप सामने आने के बाद आईटी क्षेत्र में गंभीर चिंता का माहौल बन गया है। मामले के सामने आने के बाद कैपजेमिनी ने अपने कैंपस में संचालित डेकेयर सुविधा को एहतियातन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा बच्चों की भलाई उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रही है।

बताया गया है कि यह डेकेयर सेंटर बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड क्षेत्र स्थित कंपनी के कैंपस में संचालित किया जा रहा था। मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के दृश्य दिखाई देने का दावा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की।

जिला बाल संरक्षण इकाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान डेकेयर सेंटर में कार्यरत पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ किशोर न्याय कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अब उपलब्ध वीडियो, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि आरोपों की सत्यता का पता लगाया जा सके।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डेकेयर सेंटर में दो से तीन वर्ष की आयु के बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता था। आरोपों के अनुसार बच्चों के रोने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता था, उनके साथ मारपीट की जाती थी और कई बार उनके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ बच्चों को बाथरूम में बंद करने, उनके साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार करने और उन्हें भयभीत करने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल जांच के बाद ही हो सकेगी।

कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और संबंधित एजेंसियों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही, जांच पूरी होने तक डेकेयर सुविधा को बंद रखने का निर्णय एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है। कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला कॉर्पोरेट परिसरों में संचालित डेकेयर केंद्रों की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। बच्चों की देखभाल से जुड़ी संस्थाओं में नियमित निरीक्षण, पारदर्शी निगरानी प्रणाली और शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने अभिभावकों के बीच भी बच्चों की सुरक्षा और डेकेयर केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

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