Mahakaushal Times

रूस भारत के लिए एक बार फिर मददगार साबित

– सौरभ वार्ष्णेयजब-जब भारत को जरूरत पड़ी, तब -तब रूस ने अपना मित्रता धर्म निभाया है। वैश्विक राजनीति के जटिल दौर में, जब विश्व शक्तियों के बीच तनाव और प्रतिस्पर्धा चरम पर है, ऐसे समय में भारत के लिए रूस का एक बार फिर भरोसेमंद साझेदार के रूप में सामने आना बेहद महत्वपूर्ण है। यह […]

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

– डॉ. प्रियंका सौरभभारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (2026) ऐसे समय में उभरकर सामने आया है, जब भारत एक ओर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी को विस्तार देने की दिशा में अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर अपनी कृषि-आधारित सामाजिक-आर्थिक संरचना की रक्षा करने की अनिवार्य चुनौती का सामना कर रहा है। […]

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सामूहिक विफलता का प्रमाण है निरंतर हो रहे अंतरराष्ट्रीय युद्ध

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब वैश्विक समुदाय ने संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की स्थापना की, तब उसका मूल उद्देश्य स्पष्ट था—भविष्य में युद्धों को रोकना, राष्ट्रों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा को स्थायी आधार प्रदान करना किंतु इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में जब विश्व […]

वैश्विक संकट के बीच मानवता की अंतिम सुरक्षा-रेखा है ऊर्जा संरक्षण

  – योगेश कुमार गोयल आज जब विश्व एक बार फिर भू-राजनीतिक तनावों के दौर से गुजर रहा है और ईरान, अमेरिका तथा इजरायल के बीच टकराव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है, तब ऊर्जा केवल विकास का साधन नहीं बल्कि अस्तित्व का प्रश्न बन चुकी है। तेल और गैस के दामों […]

जनसंख्या नियंत्रण की आवश्यकता : बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणाम और पारंपरिक भ्रांतियाँ

डॉ. शैलेश शुक्ला भारत आज दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है। 2024 में भारत की जनसंख्या लगभग 145 करोड़ को पार कर गई है। यह एक ऐसी समस्या है जो देश के विकास, संसाधनों, पर्यावरण और लोगों के जीवन स्तर पर सीधा असर डालती है। एक तरफ जहाँ देश तरक्की की […]

आपदा में अवसर खोजने की मानसिकता: समाज के लिए एक खतरनाक संकेत

– कैलाश चन्द्रमार्च 2026 के दूसरे सप्ताह से भारत में एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति और बुकिंग से जुड़ी चर्चा अचानक सुर्खियों में आ गई। देश के अनेक हिस्सों से गैस सिलिंडर की कमी, बुकिंग में देरी और डिलीवरी में व्यवधान जैसी खबरें तेजी से फैलने लगीं। सोशल मीडिया पर लोगों की चिंता देखकर यह विषय […]

स्वराज्य ही उनके लिए सर्वस्‍व था : छत्रपति संभाजी महाराज

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय इतिहास के पन्नों को जब भी पलटा जाएगा, तब वीरता, संघर्ष और स्वराज्य की रक्षा के प्रेरणापुंज छत्रपति संभाजी महाराज का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाएगा। उनका संपूर्ण जीवन अदम्य साहस, अटूट आत्मसम्मान और धर्म तथा स्वराज्य के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरक गाथा है। 11 मार्च 1689 का […]

नारी सशक्तिकरण में नई मिसाल बना मध्यप्रदेश: स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाओं से बदल रही महिलाओं की तस्वीर

भोपाल । मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बीते कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य पोषण सुरक्षा संरक्षण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर अनेक योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया है। […]

मध्‍य प्रदेश में ग्राम सभाओं से सशक्त होंगी महिलाएं

– प्रद्युम्‍न शर्मा हर वर्ष आठ मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के अधिकारों, समानता और सम्मान के संघर्ष का प्रतीक है। यह दिन समाज को यह याद दिलाने का अवसर भी है कि महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण के बिना समावेशी विकास संभव नहीं है। इसी सोच को व्यवहार में उतारने […]

नारी सम्मान ही सभ्य, सुसंस्कृत होने की पहचान

विनोद बब्बरयस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता  अथार्त जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। इसी प्रकार कहा गया- ‘न गृहं गृह मित्याहु गृहिणी गृह मुच्यते’.  सच ही है परिवार संस्था की संकल्पना नारी के बिना व्यर्थ  है। महल हो या टूटी झोंपड़ी गृहलक्ष्मी के प्रवेश से ही घर बनता है। परिवार के […]