Mahakaushal Times

“जंगल में पड़ी दवाइयाँ: आखिर कब तक गरीबों की जिंदगी और जनता का पैसा यूँ बर्बाद होता रहेगा?”

अशोक कुमार झाझारखंड के लातेहार जिले के मनिका क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है बल्कि शासन-प्रशासन की जवाबदेही, सरकारी संसाधनों के उपयोग और गरीबों के अधिकारों को लेकर भी एक बड़ी बहस छेड़ दी है। मनिका थाना और दोमुहान नदी के बीच […]

“विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस: हर परिवार के लिए सुरक्षित आहार”

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मानव जीवन की आधारशिला भोजन है, पर भोजन तभी जीवनदायी बनता है जब वह सुरक्षित, स्वच्छ और पोषणयुक्त हो। “अन्नं ब्रह्मेति व्यजानात्” उपनिषदों की यह दिव्य उद्घोषणा अन्न को ब्रह्म के समकक्ष प्रतिष्ठित करती है, क्योंकि समस्त जीवन की धारा उसी से प्रवाहित होती है। अन्न केवल शरीर की भूख मिटाने […]

विश्व महासागर दिवस विशेष: धरती के नीले फेफड़े दबाव में, गहराता समुद्री संकट..

विश्व महासागर दिवस विशेष  सागर प्रकृति का वह अद्भुत शिक्षक है, जो गंभीरता, सामर्थ्य, मर्यादा और स्थिरता का पाठ पढ़ाता है। अपार शक्ति होते हुए भी वह अपनी सीमाएं नहीं लांघता। उसकी गहराई जितनी अधिक होती है, उसका स्वभाव उतना ही शांत दिखाई देता है, लेकिन आज इसी महासागर को समर्थन की जरूरत है। विडंबना […]

“जीवन का आधार है पर्यावरण” – पृथ्वी को बचाने का सामूहिक संकल्प

पर्यावरण दिवस 2026 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति और मानव जीवन के बीच गहरे संबंध की याद दिलाता है। यह दिन पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और हरित जीवनशैली अपनाने का संदेश देता है।  पर्यावरण: जीवन की असली नींवपर्यावरण केवल पेड़-पौधों, नदियों, पहाड़ों और हवा-पानी का नाम नहीं है, बल्कि […]

रुपये को संभालने के लिए ब्याज दरें बढ़ाना आत्मघाती: टैक्स नियमों में सुधार ही असली इलाज

जनक राज जनक राजतेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा बाजार में भारी बिकवाली से रुपया दबाव में आ गया है। रुपये की गिरती साख के बीच मीडिया में यह सुझाव आता रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को ब्याज दरें बढ़ाकर भारतीय मुद्रा संभालनी चाहिए। इस सुझाव के पीछे मुख्य तर्क […]

खोखला होता देश, मौन समाज: नशे के खिलाफ अब आर-पार की जंग जरूरी..

ललित गर्ग:- भारत आज विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में अग्रणी है। देश की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी सामर्थ्य, सबसे बड़ी पूंजी और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। विज्ञान, तकनीक, उद्योग, शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में भारत […]

आज विश्व साइकिल दिवस: प्रदूषण मुक्त भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम

प्रतिवर्ष 3 जून को विश्वभर में विश्व साइकिल दिवस (वर्ल्ड बाइसिकल डे) मनाया जाता है। पाठकों को बताता चलूं कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 अप्रैल 2018 को एक प्रस्ताव पारित कर 3 जून को विश्व साइकिल दिवस घोषित किया था तथा इस पहल को सफल बनाने में पोलैंड के सामाजिक वैज्ञानिक प्रोफेसर लेशेक सिबिल्स्की […]

स्क्रीन पर कॉपियां जांचने का सिरदर्द: सीबीएसई के नए सिस्टम से शिक्षक बेहाल

ज्ञान चंद पाटनीसेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के नए ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम ने विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इससे बोर्ड की साख भी प्रभावित हुई है। 12वीं कक्षा के हजारों विद्यार्थियों ने अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांगी है क्योंकि वे परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं। ओएसएम सिस्टम की वजह […]

डिजिटल क्रांति और सोशल मीडिया: क्या नए रूप में उभरेगा लोकतंत्र का चौथा स्तंभ?

सौरभ वार्ष्णेयआज की पत्रकारिता: संघर्ष, जिम्मेदारी और विश्वास की परीक्षा बन कर रह गई है। लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तंभों में पत्रकारिता को केवल कहने भर को विशेष स्थान प्राप्त है। पत्रकारिता केवल समाचारों का संकलन और प्रसारण भर नहीं है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने, सत्ता से प्रश्न पूछने और जनभावनाओं को अभिव्यक्ति […]

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में आचार्य प्रशांत बोले: जलवायु संकट की जड़ मानव मन की अधूरी समझ

नई दिल्ली, 31 मई। दार्शनिक और लेखक आचार्य प्रशांत ने शुक्रवार को यूके के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में आयोजित एक विशेष संवाद सत्र में कहा कि मानवता के सामने खड़े सबसे बड़े संकट, विशेषकर जलवायु परिवर्तन, केवल तकनीकी समाधान या नीतिगत हस्तक्षेपों से नहीं सुलझाए जा सकते। उनके अनुसार इन समस्याओं की वास्तविक जड़ मनुष्य के […]