मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि माता सीता भारतीय संस्कृति और आदर्शों की प्रतीक हैं जिनका जीवन त्याग धैर्य और मर्यादा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने प्रार्थना की कि मां सीता की कृपा से प्रदेश के हर परिवार में शांति समृद्धि और आनंद की वृद्धि हो तथा समाज में सद्भाव और सकारात्मकता का वातावरण बना रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे पावन पर्व हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने और जीवन में नैतिकता तथा आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। माता सीता का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देता है जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है।
उल्लेखनीय है कि जानकी नवमी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है और इसे माता सीता के अवतरण दिवस के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। इस दिन श्रद्धालु पूजा अर्चना कर मां सीता से परिवार की सुख समृद्धि और जीवन में शांति की कामना करते हैं।
मुख्यमंत्री का यह संदेश प्रदेशवासियों के लिए आस्था और प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आया है जो न केवल धार्मिक भावना को सुदृढ़ करता है बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।