CM Mohan Yadav : बैतूल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बैतूल जिले के आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत कुकरू में अलग ही अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने वीआईपी प्रोटोकॉल से हटकर एक गरीब ग्रामीण के घर पहुंचकर जमीन पर बैठकर देसी भोजन किया। उनका यह सादगी भरा व्यवहार ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया। दौरे के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद भी किया और गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
गरीब परिवार के घर बैठकर किया भोजन
कुकरू गांव के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव एक ग्रामीण के निमंत्रण पर उसके कच्चे घर पहुंचे। वहां उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के जमीन पर बैठकर भोजन करने की इच्छा जताई।
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उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “फट्टी बिछाओ, हम यहीं भोजन करेंगे।” इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ पारंपरिक भोजन किया और घर के सदस्यों, खासकर बेटियों से आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री के इस व्यवहार से परिवार और गांव के लोग भावुक नजर आए।
रात्रि चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
मुख्यमंत्री दो दिनों तक कुकरू में रुके। इस दौरान उन्होंने गांव में रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। बाद में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ग्रामीणों के बीच बिताया गया समय और उनके घर भोजन करना उनके जीवन के यादगार पलों में शामिल रहेगा।
कुकरू के विकास के लिए किए बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री ने कुकरू को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गांव को हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेष योजना तैयार करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री के इन फैसलों से ग्रामीणों में विकास की नई उम्मीद जगी है।