CM Mohan Yadav: मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश अब सौर ऊर्जा के मामले में देश के आगे बढ़ते राज्यों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में लगातार साफ और सस्ती बिजली पर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को कम कीमत में और भरोसेमंद बिजली मिल सके। इसी दिशा में मुरैना में शुरू हुई सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना एक अहम कदम है।
मध्यप्रदेश सरकार ने की 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने की शुरुआत
मुरैना की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना क्या है ?
मुरैना में शुरू हुई यह राज्य की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना है। इसमें सूरज की रोशनी से बिजली बनाई जाती है और उसे बैटरी में जमा किया जाता है। इससे फायदा यह होता है कि जब धूप नहीं होती, तब भी बिजली मिलती रहती है। इस परियोजना से लगभग 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर पर बिजली मिलने की उम्मीद है, जो काफी सस्ती मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इससे प्रदेश की बिजली व्यवस्था और मजबूत होगी और लोगों को राहत मिलेगी।
मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा का तेजी से विस्तार
राज्य में सिर्फ मुरैना ही नहीं, बल्कि कई जिलों में सोलर प्रोजेक्ट तेजी से बढ़ रहे हैं। नीमच और शाजापुर में बड़े सोलर प्लांट शुरू किए गए हैं। इससे गांव और शहर दोनों जगह बिजली की सप्लाई बेहतर हो रही है। सरकार का फोकस है कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश पूरी तरह बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बने और दूसरे राज्यों को भी बिजली दे सके।