टीवीके की आईटी विंग ने डीएमके (DMK) पर आरोप लगाया कि पार्टी परिवारवाद और सत्ता को केवल अपने ही परिवार तक सीमित रखती है। टीवीके ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन और जनता के समर्थन के माध्यम से सत्ता में आई है, जबकि डीएमके केवल अपने परिवार और करीबी लोगों के लिए सत्ता संरक्षित रखता है।
सीएम विजय ने स्टालिन को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके इर्द-गिर्द मौजूद लोग उन्हें वास्तविक परिस्थितियों और जमीनी सच्चाई से दूर रख रहे हैं। टीवीके ने तंज कसते हुए कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो स्टालिन को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जैसा कि उन्होंने कोलाथुर सीट और सत्ता खोने के समय देखा था।
टीवीके ने अपने बयान में यह भी कहा कि पार्टी केवल राजनीतिक फायदा उठाने वाली स्वार्थी ताकत नहीं है और वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि स्टालिन का राजनीतिक अंत उनके विरोधियों से नहीं, बल्कि उनके आसपास सक्रिय चापलूसों के समूह से होगा।
टीवीके के इस बयान पर अभी तक DMK की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान आगामी विधानसभा और स्थानीय चुनावों को लेकर तमिलनाडु में बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
टीवीके का दावा है कि उनकी पार्टी जनता के व्यापक समर्थन के साथ सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है। इसके जरिए वह यह संदेश देना चाहती है कि लोकतांत्रिक सहयोग और जनता की आवाज पर आधारित राजनीति ही टिकाऊ है।
विश्लेषकों का कहना है कि सीएम विजय का यह हमला केवल पूर्व सीएम स्टालिन पर निशाना नहीं है, बल्कि यह DMK के भीतर सत्ता संघर्ष और नेतृत्व विवाद को उजागर करने की कोशिश भी है। आगामी महीनों में तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर में इसके असर दिख सकते हैं।
टीवीके ने अपने बयान के अंत में यह भी आगाह किया कि स्टालिन को सही तस्वीर और वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी नहीं दी जा रही है। अगर यही स्थिति जारी रही, तो यह उनके लिए गंभीर राजनीतिक परिणाम ला सकता है।
इस बयान से साफ है कि तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके और DMK के बीच टकराव अब और बढ़ सकता है, और आने वाले समय में दोनों पार्टियों की रणनीतियों और गठबंधनों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।