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गंगा दशहरा उत्सव की तैयारियां पूरी: सीएम करेंगे शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन, 300 फीट चुनरी अर्पण कार्यक्रम आकर्षण


उज्जैन। उज्जैन में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को आस्था और भक्ति का भव्य दृश्य देखने को मिलेगा, जब मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का समापन रामघाट पर किया जाएगा। दो दिन से चल रही यह धार्मिक यात्रा मंगलवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम दिखाई देगा।

इस भव्य समापन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। वे रामघाट पर मां शिप्रा को करीब 300 फीट लंबी विशाल चुनरी अर्पित करेंगे। इस अवसर पर घाट क्षेत्र पूरी तरह धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहेगा। प्रशासन और आयोजन समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारु और भव्य तरीके से संपन्न हो सके।

कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का बैंड भी विशेष प्रस्तुति देगा, जो देशभक्ति और सांस्कृतिक धुनों के साथ माहौल को और भव्य बनाएगा। वहीं प्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगी। उनके भजनों से रामघाट पर आध्यात्मिक माहौल और भी गहरा होगा।

शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा सोमवार को रामघाट से प्रारंभ हुई थी। यह यात्रा नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांति धाम होते हुए दत्त अखाड़ा तक पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। जगह-जगह सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा स्वागत मंच लगाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शरबत, फल और प्रसाद की व्यवस्था की गई।

दूसरे दिन यात्रा दत्त अखाड़ा से आगे बढ़कर रणजीत हनुमान, कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा और वाल्मीकि धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर पुनः रामघाट पर पहुंचेगी, जहां इसका विधिवत समापन होगा।

इस पूरे आयोजन का संचालन शिप्रा लोक संस्कृति समिति के साथ महाराजा विक्रमादित्य रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन विकास प्राधिकरण, रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा और जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और घाट क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

गंगा दशहरा के इस पावन पर्व पर उज्जैन एक बार फिर आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत केंद्र बन गया है। रामघाट पर चुनरी अर्पण और भक्ति संगीत के साथ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनने जा रहा है।

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