शनिवार को पार्षद जुनैद खान नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नगर के बीचोंबीच गुजरने वाला यह नाला लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। पूरे शहर का दूषित पानी और गंदगी इसी नाले में बहती है, लेकिन इसके बावजूद सफाई और निर्माण कार्य को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
पार्षद ने आरोप लगाया कि नाले का निर्माण कार्य काफी समय पहले शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। नतीजतन नाला कीचड़, मलबे और सड़ी हुई गंदगी से पूरी तरह भर चुका है। जगह-जगह गंदा पानी जमा होने से हालात और खराब हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण आसपास रहना मुश्किल हो गया है। दिनभर बदबू फैलने से लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। वार्डवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद जुनैद खान ने कहा कि नगर परिषद यदि सात दिनों के भीतर सफाई और निर्माण कार्य पूरा नहीं करती, तो जनता के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत और सुविधा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पूरे मामले के बाद नगर परिषद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन तय समय में कार्रवाई करता है या फिर वार्डवासियों का विरोध प्रदर्शन शहर में बड़ा मुद्दा बनता है।