भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा जैसे जिलों में CNG की सप्लाई मुख्य रूप से THINK Gas द्वारा की जाती है। कंपनी की ओर से पिछले दो महीनों में यह दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे कुल मिलाकर CNG करीब ₹5 प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है।
लगातार बढ़ते ईंधन दामों से बढ़ी चिंता
सीएनजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पहले ही पेट्रोल-डीजल और LPG के दामों में उछाल देखा जा चुका है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3 से ₹3.50 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई थी। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर और दूध की कीमतों में भी पिछले महीनों में इजाफा हुआ है। भोपाल में पेट्रोल अब ₹109.71 प्रति लीटर और डीजल ₹94.88 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं CNG की बढ़ी हुई कीमतों ने ऑटो, टैक्सी और CNG वाहनों की चलने लागत बढ़ा दी है।
CNG वाहनों की बढ़ती संख्या पर असर
पिछले तीन वर्षों में भोपाल में CNG वाहनों की बिक्री में लगभग 50% तक की बढ़ोतरी हुई थी। रोजाना 10 से 15 नए CNG वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह कम रनिंग कॉस्ट और पेट्रोल-डीजल की तुलना में सस्ता ईंधन था। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने अब इस फायदे को कम कर दिया है। ऑटो चालकों और छोटे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे किराए बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
लगातार बढ़ती महंगाई का सिलसिला
मार्च से मई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले LPG सिलेंडर महंगा हुआ, फिर दूध, उसके बाद पेट्रोल-डीजल और अब CNG की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की रसोई और यात्रा दोनों का बजट बिगाड़ दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट, सब्जियों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर भी असर डाल सकती है। CNG की बढ़ती कीमतें आम उपभोक्ताओं के लिए एक और झटका साबित हो रही हैं। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह बढ़ोतरी बजट और अधिक बिगाड़ सकती है।