रविवार को सुबह से ही सूर्य की तपिश बेहद तेज रही और दोपहर होते-होते हालात और गंभीर हो गए। 12 बजे से 1:30 बजे के बीच ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जबकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शाम तक यह 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से यह एक माना जा रहा है।
भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू के कारण शहर की रफ्तार थम सी गई है। आमतौर पर रविवार को जहां बाजारों और मुख्य सड़कों पर चहल-पहल रहती है, वहीं इस बार दृश्य पूरी तरह बदल गया। दोपहर होते ही प्रमुख चौराहे, बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें सूनी नजर आने लगीं। लोग घरों में दुबके रहे और सड़कें अघोषित कर्फ्यू जैसी दिखाई दीं।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस घोल, छाछ और नींबू पानी का सेवन किया जाए। हल्का और सुपाच्य भोजन करने तथा तैलीय और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलने पर सूती और ढीले कपड़े पहनने तथा सिर को ढकने की हिदायत दी गई है।
डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। लू लगने के लक्षण जैसे सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या तेज बुखार होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने को कहा गया है। फिलहाल कटनी में गर्मी का यह प्रचंड रूप लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।