दरअसल पिछले कुछ वर्षों में 5G नेटवर्क और eSIM टेक्नोलॉजी लगभग एक साथ तेजी से लोकप्रिय हुईं। इसी वजह से लोगों को लगने लगा कि eSIM इस्तेमाल करने से इंटरनेट स्पीड बढ़ जाती है। जबकि सच्चाई यह है कि नए स्मार्टफोन में मिलने वाले एडवांस 5G मॉडेम और हाई-एंड प्रोसेसर बेहतर डाउनलोड स्पीड, मजबूत सिग्नल और ज्यादा स्थिर नेटवर्क कनेक्शन देते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार टेलीकॉम कंपनियां लगातार अपने 5G नेटवर्क को अपग्रेड कर रही हैं, जिससे इंटरनेट अनुभव पहले से बेहतर हुआ है। वहीं नेटवर्क कवरेज, सिग्नल स्ट्रेंथ और यूजर्स की संख्या भी इंटरनेट स्पीड को प्रभावित करती है।
हालांकि eSIM के अपने कई बड़े फायदे जरूर हैं। इसमें फिजिकल सिम स्लॉट की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे स्मार्टफोन कंपनियों को फोन के अंदर की जगह का बेहतर इस्तेमाल करने का मौका मिलता है। इससे कंपनियां बड़ी बैटरी, पतला डिजाइन और बेहतर वॉटर-रेसिस्टेंट फोन तैयार कर पाती हैं।
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप सिर्फ तेज इंटरनेट के लिए eSIM चुन रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि इंटरनेट स्पीड का असली खेल फोन के हार्डवेयर और नेटवर्क क्वालिटी पर निर्भर करता है, न कि सिम के प्रकार पर।