उज्जैन के जिला शिक्षा केंद्र में इंजीनियरों से कथित उगाही और वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां कुछ इंजीनियरों के बीच WhatsApp ग्रुप में “लड्डू” और “मिठाई” जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल कर पैसों की मांग और लेन-देन की बातचीत की जा रही थी।
जानकारी के मुताबिक, जिला शिक्षा केंद्र उज्जैन के अंतर्गत कार्यरत इंजीनियरों के ग्रुप में कई ऐसे मैसेज सामने आए हैं, जिनमें मान्यता की फाइलों को आगे बढ़ाने, डीपीसी निर्देशों और अन्य कार्यों के नाम पर रकम की मांग की बात की गई है।
WhatsApp चैटिंग में क्या सामने आया?
वायरल चैट्स में कथित तौर पर-
- “भोपाल मिठाई भेजने” के नाम पर पैसे मांगने की बात
- “लड्डू के लिए शेयर कलेक्ट” जैसे कोड वर्ड का उपयोग
- UPI स्कैनर भेजकर ऑनलाइन भुगतान की मांग
- एक दिन में 200 से ज्यादा फाइलों के निपटारे का दावा
इन मैसेजों ने विभागीय कामकाज और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंजीनियरों का पक्ष
कुछ इंजीनियरों ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि “लड्डू” या “मिठाई” के नाम पर किसी तरह की वसूली नहीं की गई है और न ही ऐसा कोई निर्देश दिया गया था। वहीं, मामले में शामिल नामों पर स्पष्टीकरण देने की बात भी कही गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला परियोजना समन्वयक (DPC) ने मामले पर हैरानी जताते हुए कहा है कि अगर किसी ने उनके नाम का दुरुपयोग कर पैसे मांगे हैं, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच के संकेत
मामले के सामने आने के बाद अब विभागीय स्तर पर जांच की संभावना बढ़ गई है। चैटिंग और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूतों की जांच की जा सकती है।
उज्जैन में सामने आया यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस पर हैं कि जांच में क्या सच सामने आता है और क्या कार्रवाई होती है।