जानकारी के मुताबिक शनिवार रात एमआईजी स्थित सरपंच कैफे में आरूही नाम की युवती पर वैष्णवी, नेहा और अच्छू नामक युवतियों ने कथित रूप से चाकू से हमला किया था। घटना के बाद तीनों वहां से फरार हो गई थीं। बताया जा रहा है कि इसके बाद इनमें से एक युवती अपने कुछ साथियों के पास पहुंची, जहां आगे की घटनाओं ने हिंसक रूप ले लिया।
रात करीब साढ़े तीन बजे अरविंदो अस्पताल के पास आरोपी युवकों ने अरुण नमनवाल और उसके साथी नीरज प्रजापत को रोक लिया। आरोपियों ने दोनों से उन्हें एमआर-10 क्षेत्र तक छोड़ने के लिए कहा। जब अरुण ने ऐसा करने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद हमलावरों ने ब्लेड और चाकू से उस पर हमला कर दिया। हमले में अरुण के पैर पर गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान हो गया। उसके साथी नीरज प्रजापत के साथ भी मारपीट की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने केवल मारपीट ही नहीं की, बल्कि पीड़ितों की कार के कांच भी तोड़ दिए और फिर मौके से फरार हो गए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके फुटेज अब पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
घटना के बाद घायल युवक शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। हालांकि उस समय थाना प्रभारी की अनुपस्थिति के कारण पुलिस ने उसका आवेदन लेकर पहले इलाज कराने की सलाह दी। मंगलवार को पीड़ित युवक दोबारा थाने पहुंचा और उसने सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य पुलिस को सौंपे। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच जांच में यह भी सामने आया है कि एमआईजी क्षेत्र में युवतियों के विवाद के बाद उनके परिचितों के बीच भी तनाव बढ़ गया था। रविवार दोपहर एक कैफे के बाहर दो पक्षों के बीच चाकूबाजी की एक और घटना हुई थी, जिसमें विक्की और तरुण बनोड़िया नामक युवकों ने एक-दूसरे पर हमला किया था। उस मामले में पुलिस दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती आक्रामकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी घटनाओं के आपसी संबंधों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।