चुनिंदा क्षेत्रों में चल रही टेस्टिंग
टेक वेबसाइट एंड्रॉयड अथॉरिटी को दिए बयान में गूगल के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी फिलहाल कुछ चुनिंदा रीजन में नई स्टोरेज पॉलिसी की टेस्टिंग कर रही है। इसका मकसद यूजर्स को बेहतर स्टोरेज क्वालिटी और सुरक्षित सर्विस उपलब्ध कराना है। हालांकि कंपनी ने उन क्षेत्रों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, जहां यह प्रयोग चल रहा है।
सिक्योरिटी और डेटा रिकवरी पर फोकस
गूगल के अनुसार नई टेस्टिंग का उद्देश्य केवल स्टोरेज सीमित करना नहीं, बल्कि अकाउंट सिक्योरिटी और डेटा रिकवरी सिस्टम को और मजबूत बनाना भी है। कंपनी चाहती है कि यूजर्स अपने अकाउंट में मोबाइल नंबर और अन्य सुरक्षा फीचर्स को सक्रिय करें।
पुराने यूजर्स को मिलेगा पहले जैसा फायदा
कंपनी ने साफ किया है कि मौजूदा यूजर्स के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिन यूजर्स के अकाउंट पहले से सक्रिय हैं और मोबाइल नंबर लिंक है, उन्हें Gmail, Google Drive और Google Photos के लिए पहले की तरह 15GB फ्री स्टोरेज मिलती रहेगी।
सपोर्ट पेज में भी किया बदलाव
गूगल ने अपने सपोर्ट पेज की भाषा में भी बदलाव किया है। पहले वहां लिखा था कि हर Google अकाउंट में 15GB स्टोरेज शामिल है, लेकिन अब इसे बदलकर “अधिकतम 15GB तक स्टोरेज” कर दिया गया है। इसी बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया था।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
दरअसल, कुछ दिन पहले कई यूजर्स ने दावा किया था कि नया Google अकाउंट बनाते समय उन्हें केवल 5GB फ्री स्टोरेज दिखाई दी। बाद में मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन के बाद 15GB स्टोरेज देने का मैसेज मिला। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि गूगल भविष्य में मुफ्त स्टोरेज लिमिट कम कर सकता है।
हालांकि कंपनी के ताजा बयान के बाद साफ हो गया है कि फिलहाल 15GB फ्री स्टोरेज खत्म नहीं की जा रही है और 5GB स्टोरेज सिर्फ सीमित स्तर पर की जा रही टेस्टिंग का हिस्सा है।