मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने तेज गति से खेलना शुरू किया। क्रोएशिया ने शुरुआती मिनटों में इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने जल्द ही मुकाबले की कमान अपने हाथ में ले ली। 12वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली, जिसने मैच का रुख बदल दिया। हैरी केन का पहला प्रयास गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने रोक लिया, लेकिन नियम उल्लंघन के कारण पेनल्टी दोबारा कराई गई। दूसरे मौके पर केन ने कोई गलती नहीं की और इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हालांकि क्रोएशिया ने हार नहीं मानी। मार्टिन बटुरिना ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया और मुकाबले को फिर रोमांचक बना दिया। लेकिन इंग्लैंड ने तुरंत जवाब दिया। एक कॉर्नर किक पर हैरी केन ने बेहतरीन हेडर लगाकर अपना दूसरा गोल दागा और टीम को 2-1 से आगे कर दिया।
पहले हाफ के अंतिम क्षणों में क्रोएशिया ने फिर वापसी की। स्टॉपेज टाइम में इवान पेरिसिक ने शानदार मूव बनाया और मूसा को पास दिया, जिन्होंने गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। पहले हाफ का अंत बराबरी पर हुआ और दोनों टीमों के बीच मुकाबला पूरी तरह खुला नजर आ रहा था।
दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए शानदार रही। खेल शुरू होने के केवल दो मिनट बाद जूड बेलिंगहैम ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत प्रयास से गोल दागा। उन्होंने दाईं ओर से बॉक्स में प्रवेश किया और सटीक शॉट के जरिए इंग्लैंड को 3-2 की बढ़त दिला दी। इस गोल ने इंग्लैंड का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया।
इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार हमले जारी रखे। बेलिंगहैम, डेक्लान राइस और निको ओ’रेली ने कई अवसर बनाए, लेकिन क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने कई शानदार बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। दूसरी तरफ क्रोएशिया ने भी बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया।
मैच के अंतिम चरण में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे मार्कस रैशफोर्ड ने इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उन्होंने शानदार मूव बनाते हुए चौथा गोल किया और क्रोएशिया की वापसी की सभी उम्मीदों को समाप्त कर दिया।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप एल में मजबूत शुरुआत की है। कप्तान हैरी केन ने दो गोलों के साथ अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। वहीं जूड बेलिंगहैम ने भी साबित कर दिया कि वह इंग्लैंड के भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान के भी सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं। इंग्लैंड की यह जीत टीम को टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों के लिए और अधिक आत्मविश्वास प्रदान करेगी।