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झाबुआ में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल शुरू


मध्य प्रदेश । झाबुआ जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदेशभर के करीब 32 हजार संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. वासुदेव पाटीदार ने बताया कि एनएचएम कर्मचारी वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर लगातार अनदेखी की जा रही है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनकी मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
हड़ताल पर गए कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं-
30 जनवरी 2026 की मुख्यमंत्री घोषणा के अनुसार नियमितीकरण
एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ (2023 सामान्य प्रशासन विभाग नीति के तहत)
अन्य राज्यों की तरह 10% वार्षिक वेतन वृद्धि
नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता
वेतन विसंगति का निराकरण
समान कार्य के लिए समान वेतन
नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश
इसके अलावा कर्मचारियों ने “सार्थक ऐप” के उपयोग को बंद करने का भी निर्णय लिया है।

चरणबद्ध आंदोलन के बाद अब अनिश्चितकालीन हड़ताल
कर्मचारी इससे पहले काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं और प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। अब अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 8 जून को प्रदेशभर के कर्मचारी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना बना रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंक
हड़ताल के चलते जिला अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आम मरीजों को परेशानी हो सकती है।

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