इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नारकोटिक्स और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारी ट्रेन के जनरल कोच में तलाशी अभियान चलाते और संदिग्ध आरोपी को पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है, जिसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।
खुफिया सूचना के बाद स्टेशन पर बिछाया गया जाल
जानकारी के अनुसार, Central Bureau of Narcotics को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि शिप्रा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22911) के माध्यम से बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही एजेंसी ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ संयुक्त रणनीति तैयार की।
गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे ट्रेन के उज्जैन स्टेशन पहुंचने से पहले ही अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ा दी। ट्रेन रुकते ही जनरल कोच में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान अधिकारियों की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी, जिसकी गतिविधियां सामान्य यात्रियों से अलग दिखाई दे रही थीं।
बैग की तलाशी में खुला बड़ा राज
संदेह के आधार पर युवक को रोककर उसके हैंडबैग की जांच की गई। तलाशी के दौरान बैग में छिपाकर रखे गए दो पैकेट बरामद हुए। जब पैकेटों की जांच की गई तो उनमें कुल 1.067 किलोग्राम हेरोइन मिली। अधिकारियों ने मौके पर ही मादक पदार्थ को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। बरामद हेरोइन की मात्रा और उसकी कीमत को देखते हुए इसे हाल के समय की महत्वपूर्ण नारकोटिक्स कार्रवाई माना जा रहा है।
राजस्थान से हावड़ा तक फैला था सप्लाई रूट
जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमेश चंद्र के रूप में हुई है, जो राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि हेरोइन की खेप राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से पश्चिम बंगाल के हावड़ा भेजी जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क में उज्जैन एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप किसे सौंपी जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वीडियो में दिखी पूरी कार्रवाई
कार्रवाई का जो वीडियो सामने आया है, उसमें अधिकारी ट्रेन रुकते ही जनरल कोच में प्रवेश कर यात्रियों और सामान की जांच करते नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद संदिग्ध युवक को प्लेटफॉर्म पर लाकर उसके बैग की तलाशी ली जाती है। बैग से हेरोइन बरामद होने के बाद अधिकारियों द्वारा उसे हिरासत में लेते हुए भी देखा जा सकता है। यह वीडियो एजेंसियों की सतर्कता और योजनाबद्ध कार्रवाई को भी दर्शाता है, जिसके चलते बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ को गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
सीबीएन ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच का फोकस पूरे ड्रग तस्करी नेटवर्क की पहचान करने और इसके अन्य सदस्यों तक पहुंचने पर है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में पूछताछ से अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। एजेंसी सप्लाई चेन, फंडिंग नेटवर्क और तस्करी के रूट की भी गहन जांच कर रही है।