पार्टी के मुताबिक, किसानों की समस्याओं को लेकर यह विरोध प्रदर्शन राज्य के 7 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता हाईवे पर उतरकर आवाज बुलंद करेंगे और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करेंगे।
बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में पार्टी के कई बड़े नेता भी शामिल होंगे, जिससे यह प्रदर्शन और ज्यादा प्रभावशाली बनने की संभावना है। कांग्रेस का आरोप है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा, साथ ही बिजली, पानी और कर्ज जैसी समस्याओं ने उन्हें परेशान कर रखा है।
पार्टी का कहना है कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है, इसलिए सड़क पर उतरकर विरोध करना जरूरी हो गया है। दूसरी ओर प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है और ट्रैफिक डायवर्जन समेत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
इस चक्का जाम का सीधा असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है, खासकर उन यात्रियों पर जो आगरा-मुंबई हाईवे से गुजरने वाले हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
कुल मिलाकर, किसानों के मुद्दों को लेकर होने वाला यह प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला सकता है, जहां सड़क से लेकर सत्ता तक टकराव साफ नजर आएगा।