सुजैन खान की बहन और जानी-मानी ज्वेलरी डिजाइनर फराह खान अली ने एक साक्षात्कार में कहा कि तलाक के दौरान 400 करोड़ रुपये की एलिमनी दिए जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं थी। उनके अनुसार वर्षों से सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस तरह की बातें दोहराई जाती रही हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अफवाहों ने बिना किसी तथ्य के लोगों के बीच गलत धारणा बना दी।
फराह खान अली ने स्पष्ट किया कि उनकी बहन को आर्थिक लाभ के लिए विवाह या तलाक से जोड़कर देखना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि सुजैन खान एक सम्मानित परिवार से आती हैं और उन्होंने हमेशा अपने व्यक्तिगत जीवन को गरिमा और संतुलन के साथ आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार तलाक के बाद भी दोनों परिवारों के बीच आपसी सम्मान और अच्छे संबंध बने हुए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि उनके रिश्ते में किसी प्रकार का आर्थिक विवाद प्रमुख कारण नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सुजैन खान को लेकर अनुचित टिप्पणियां कीं और उन्हें बिना आधार के ‘गोल्ड डिगर’ जैसे शब्दों से संबोधित किया। फराह के अनुसार यह पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण था, क्योंकि वास्तविक घटनाओं से इन आरोपों का कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रिश्तों को लेकर इस प्रकार की अटकलें किसी भी व्यक्ति की छवि को प्रभावित करती हैं।
फराह ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार अपनी बहन को सार्वजनिक रूप से इन अफवाहों का खंडन करने की सलाह दी थी, लेकिन सुजैन खान ने कभी ऐसा आवश्यक नहीं समझा। उनका मानना था कि लोगों की राय से अधिक महत्वपूर्ण उनका आत्मसम्मान और निजी जीवन है। उन्होंने हमेशा अपने परिवार, बच्चों और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी तथा सार्वजनिक विवादों से दूरी बनाए रखी।
ऋतिक रोशन और सुजैन खान की दोस्ती बचपन से रही थी। दोनों ने वर्ष 2000 में विवाह किया और उनके दो बेटे हैं। कई वर्षों तक साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और वर्ष 2014 में उनका तलाक कानूनी रूप से पूरा हुआ। अलग होने के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते में सम्मान बनाए रखा और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी मिलकर निभाई।
तलाक के बाद भी दोनों कई पारिवारिक अवसरों और बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों में साथ दिखाई देते रहे हैं। यही कारण है कि उनके संबंधों को अक्सर परिपक्व और सौहार्दपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जाता है। परिवार की ओर से आए ताजा बयान ने वर्षों से चली आ रही एलिमनी संबंधी चर्चाओं पर नई स्पष्टता प्रदान की है।
यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के बारे में बिना प्रमाण फैलने वाली खबरें लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहती हैं। ऐसे मामलों में आधिकारिक या प्रत्यक्ष पक्ष सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाती है।