यह हादसा सुबह करीब 6 बजे बीना रोड पर लायरा और मलियाखेड़ा गांव के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे, जो खेतों में मूंग की कटाई करने जा रहे थे। इनमें कई प्रवासी मजदूर भी शामिल थे। मजदूरों के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी ट्रॉली में मौजूद थे। अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि लोग ट्रॉली के नीचे दब गए और कई लोग दूर जाकर गिरे।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। सूचना मिलते ही कुरवाई थाना प्रभारी आरके मिश्रा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने मौके का मुआयना कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और ट्रैफिक व्यवस्था संभाली।
सभी घायलों को तत्काल कुरवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 55 वर्षीय किसान ऋषभ साहू उर्फ ऋषि और 65 वर्षीय मजदूर दरबारी कौल को मृत घोषित कर दिया। दोनों शवों का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हादसे में घायल 20 वर्षीय दिव्या कोल और 35 वर्षीय रजनी कोल की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। वहीं अन्य 18 घायलों का इलाज कुरवाई अस्पताल में जारी है। घायलों में कई मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जिनके घायल होने से अस्पताल का माहौल बेहद भावुक हो गया।
पुलिस प्रशासन अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह लगातार निगरानी बनाए हुए है। प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर-ट्रॉली के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है। हालांकि वाहन की गति, सड़क की स्थिति और तकनीकी खराबी जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर खेतों में काम के लिए असुरक्षित तरीके से मजदूरों को ढोने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में मजदूरों और बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाना आम बात है, लेकिन यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो रही है।