नई दिल्ली ।
दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर आम जनता को महंगाई का झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब CNG के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिए गए हैं। इस फैसले के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में ईंधन के खर्च में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी और परिवहन लागत पर पड़ने की संभावना है।
नई दरों के अनुसार, दिल्ली में CNG की कीमत बढ़कर लगभग 79 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई है। वहीं नोएडा और गाजियाबाद में यह दर बढ़कर करीब 87.70 रुपये प्रति किलो हो गई है। गुरुग्राम में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यहां CNG लगभग 84 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है। इसके अलावा आसपास के कई शहरों में भी अलग-अलग दरों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में ईंधन की लागत बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे शहरों में भी CNG के दाम बढ़कर लगभग 87 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गए हैं। वहीं कानपुर, हमीरपुर और फतेहपुर जैसे क्षेत्रों में यह कीमत 90 रुपये प्रति किलो से भी ऊपर जा चुकी है। राजस्थान और यूपी के अन्य कई शहरों में भी 85 से 88 रुपये प्रति किलो के बीच नई दरें लागू हो गई हैं।
इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में बदलाव बताया जा रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित गैस से पूरा करता है और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी तथा मांग में वृद्धि के कारण लागत बढ़ गई है। इसी कारण इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और महानगर गैस लिमिटेड जैसी कंपनियों की खरीद लागत बढ़ी, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। हाल के समय में वैश्विक तनाव और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे ईंधन महंगा हो रहा है।
सरकार की ओर से हालांकि यह कहा गया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और एलपीजी की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। लेकिन CNG की कीमतों में यह बढ़ोतरी आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है, खासकर उन लोगों पर जो रोजाना सार्वजनिक परिवहन या गैस आधारित वाहनों का उपयोग करते हैं।
इस बढ़ोतरी के बाद आने वाले दिनों में परिवहन लागत और सेवाओं के दामों पर भी असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।